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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति परंपराओं स्थानीय उत्पादों और सीमांत क्षेत्रों की जीवंत विरासत को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से भारतीय सेना एवं जिला प्रशासन चमोली के संयुक्त तत्वावधान में ऑपरेशन सद्भावना के अंतर्गत 19 एवं 20 सितम्बर 2026 को टूरिस्ट अराइवल प्लाजा बद्रीनाथ में देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026 का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव की थीम ‘हमारी विरासत हमारा माध्य’ रखी गई है। दो दिवसीय महोत्सव में गढ़वाली लोकनृत्य लोकसंगीत विद्यालय एवं महाविद्यालयों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां स्थानीय उत्पादों हस्तशिल्प पारंपरिक व्यंजनों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल तथा स्थानीय उद्यमियों की प्रदर्शनी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। भारतीय सेना की ओर से विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी जिसमें सेना की राष्ट्र निर्माण सीमाओं की सुरक्षा एवं समाज के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया जाएगा। महोत्सव का उद्देश्य उत्तराखंड की पावन भूमि बद्रीनाथ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत लोक परंपराओं और सीमांत क्षेत्रों के जीवन से देशभर के लोगों को परिचित कराना है। इसके माध्यम से सीमांत क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने महिलाओं एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। महोत्सव में सीमांत गांवों की प्राकृतिक सुंदरता सांस्कृतिक विविधता एवं आध्यात्मिक महत्व को भी प्रदर्शित किया जाएगा ताकि पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों कारीगरों किसानों महिला स्वयं सहायता समूहों एवं युवा उद्यमियों को अपनी प्रतिभा और उत्पादों को देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण तथा स्थानीय उत्पादों के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए सुरक्षा चिकित्सा पार्किंग स्वच्छता यातायात प्रबंधन एवं अन्य नागरिक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सद्भावना के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा स्वास्थ्य कौशल विकास आधारभूत सुविधाओं एवं सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026 इसी भावना का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है जो भारतीय सेना और नागरिक प्रशासन के बीच समन्वय एवं जनसहभागिता को मजबूत करने के साथ सीमांत क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने का माध्यम बनेगा। जिला प्रशासन एवं भारतीय सेना ने श्रद्धालुओं पर्यटकों स्थानीय नागरिकों विद्यार्थियों कलाकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से महोत्सव में सहभागिता करने का आह्वान किया है। महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति को जानने स्थानीय कलाकारों एवं उत्पादों को प्रोत्साहित करने तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास में सहभागिता का अवसर मिलेगा।

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