प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल श्रीनगर के त्वचा रोग विभाग की पीजी जूनियर रेजिडेंट-1 पीजीजेआर-1 डॉ.तुलिका कोमल ने चिकित्सा क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए कनेक्टिव टिश्यू डिसऑर्डर्स पर आयोजित सीएमई में वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल एवं त्वचा रोग विभाग में खुशी का माहौल है। कनेक्टिव टिश्यू डिसऑर्डर्स विषय पर आयोजित इस सीएमई का आयोजन दून मेडिकल कॉलेज देहरादून द्वारा 13 सितंबर 2026 को देहरादून स्थित होटल अकेटा में किया गया। कार्यक्रम में कनेक्टिव टिश्यू डिसऑर्डर्स से जुड़े विभिन्न चिकित्सकीय पहलुओं उपचार की आधुनिक पद्धतियों तथा रोगियों के लिए उपलब्ध उपचार विकल्पों पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की गई। सीएमई के दौरान आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय सीटीडी में पारंपरिक इम्यूनोसप्रेसिव थेरेपी बनाम लक्षित बायोलॉजिकल थेरेपी किसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए रखा गया था। विषय चिकित्सा क्षेत्र में उपचार की बदलती तकनीकों और आधुनिक उपचार पद्धतियों से जुड़ा होने के कारण प्रतिभागियों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा। डॉ.तुलिका कोमल ने प्रतियोगिता में विषय के विभिन्न चिकित्सकीय पहलुओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने पारंपरिक इम्यूनोसप्रेसिव उपचार तथा लक्षित बायोलॉजिकल थेरेपी से जुड़े उपचार संबंधी पहलुओं पर तर्कपूर्ण ढंग से अपनी प्रस्तुति दी। उनके प्रभावी प्रस्तुतीकरण और विषय पर पकड़ को देखते हुए निर्णायक मंडल ने उन्हें प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया। डॉ.तुलिका कोमल की इस उपलब्धि पर त्वचा रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.दीपक डिमरी ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक एवं अकादमिक गतिविधियां चिकित्सकों और रेजिडेंट्स के ज्ञान को व्यापक बनाने के साथ ही उनके आत्मविश्वास और प्रस्तुतीकरण क्षमता को भी मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि डॉ.तुलिका ने विभाग और संस्थान का नाम रोशन किया है तथा यह उपलब्धि अन्य रेजिडेंट्स के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने डॉ.तुलिका को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ ऐसे अकादमिक मंचों पर सक्रिय सहभागिता चिकित्सकों को नवीनतम उपचार पद्धतियों एवं चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे निरंतर बदलावों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
