प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे के निर्देशन में टिहरी पुलिस की ओर से आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी चंबा के निकट पर्यवेक्षण में कोतवाली चम्बा पुलिस ने 19 सितंबर 2026 को ग्राम सभा गुनोगी में जागरूकता चौपाल आयोजित की। चौपाल में ग्रामीणों महिलाओं एवं युवाओं को गौरा शक्ति साइबर अपराध महिला एवं बाल सुरक्षा तथा नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। जागरूकता चौपाल के दौरान महिलाओं एवं ग्रामीणों को महिला सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। महिलाओं को किसी भी प्रकार की हिंसा उत्पीड़न छेड़छाड़ अथवा अपराध की स्थिति में चुप न रहने तथा तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही गौरा शक्ति एप और पहल के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं तथा पुलिस सहायता के बारे में जानकारी देते हुए इसका अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने महिलाओं को बताया कि किसी भी विषम परिस्थिति में वे निःसंकोच पुलिस से संपर्क करें। महिला सुरक्षा को लेकर टिहरी पुलिस की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिलाया गया। चौपाल में ग्रामीणों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनकी मेहनत की कमाई को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों को ऑनलाइन फ्रॉड फिशिंग एवं फेक लिंक सोशल मीडिया हैकिंग डिजिटल अरेस्ट केवाईसी फ्रॉड बैंकिंग एवं यूपीआई फ्रॉड फर्जी कस्टमर केयर ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड ओटीपी एवं यूपीआई पिन से संबंधित धोखाधड़ी तथा फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने जैसे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही साइबर ठगी से बचने के व्यावहारिक उपाय भी बताए गए। पुलिस टीम ने ग्रामीणों से अपने सभी ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत एवं अलग-अलग पासवर्ड का प्रयोग करने तथा जहां संभव हो वहां टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय रखने की अपील की। लोगों को अपना ओटीपी यूपीआई पिन एटीएम पिन सीवीवी बैंक संबंधी जानकारी अथवा पासवर्ड किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक क्यूआर कोड एपीके फाइल अथवा संदिग्ध वेबसाइट पर क्लिक न करें। पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि पुलिस अथवा कोई जांच एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को कहती है। सोशल मीडिया पर प्राप्त संदिग्ध संदेश फ्रेंड रिक्वेस्ट अथवा लिंक को बिना सत्यापन के स्वीकार या खोलने से भी बचने की सलाह दी गई। ऑनलाइन खरीदारी अथवा निवेश से पहले संबंधित वेबसाइट या कंपनी की विश्वसनीयता की जांच करने को कहा गया। पुलिस ने साइबर ठगी होने पर समय बर्बाद न करते हुए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने तथा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने की जानकारी दी। पुलिस टीम ने बताया कि साइबर ठगी के मामले में जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी धनराशि को रोकने या रिकवर करने की संभावना उतनी ही बेहतर हो सकती है। चौपाल के दौरान ग्रामीणों एवं विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार आर्थिक स्थिति एवं सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। युवाओं को नशे से दूर रहने खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने तथा अपने आसपास के अन्य युवाओं को भी नशे के विरुद्ध जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस टीम ने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उनके क्षेत्र में किसी व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से मादक पदार्थों की बिक्री अथवा तस्करी किए जाने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि ऐसे तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
