USRLM एवं REAP की समीक्षा बैठक में स्थानीय उत्पादों के सशक्तिकरण पर जोर सीडीओ ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद रुद्रप्रयाग में आज मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (USRLM) एवं ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (REAP) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।इस अवसर पर जनपद,विकासखण्ड एवं सहकारिता स्तर पर कार्यरत USRLM एवं REAP के कार्मिकों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने मिशन के निर्धारित लक्ष्यों एवं अब तक की उपलब्धियों की गहन समीक्षा की तथा सभी संबंधित अधिकारियों को लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए ठोस रणनीति अपनाने के निर्देश दिए।मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक के दौरान स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता,उत्पादन एवं उनकी मार्केटिंग को बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जनपद की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे उत्पादों को बढ़ावा देना आवश्यक है,जो न केवल स्थानीय आजीविका को मजबूती दें,बल्कि बाहरी बाजारों में भी प्रतिस्पर्धा कर सकें।इस क्रम में उन्होंने विशेष रूप से स्थानीय स्तर पर 'राखी निर्माण' की संभावना पर चर्चा करते हुए कहा कि यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जा सकता है,जिससे महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और पारंपरिक संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग,पैकेजिंग और विपणन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें,जिससे SHG सदस्यों को लाभ मिल सके और उनकी आय में वृद्धि हो सके।बैठक में जिला मिशन प्रबंधक,जिला परियोजना प्रबंधक-REAP,ब्लॉक मिशन प्रबंधक,क्षेत्रीय समन्वयक एवं सहकारिता से जुड़े कार्मिक उपस्थित रहे।
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USRLM एवं REAP की समीक्षा बैठक में स्थानीय उत्पादों के सशक्तिकरण पर जोर सीडीओ ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद रुद्रप्रयाग में आज मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (USRLM) एवं ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (REAP) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।इस अवसर पर जनपद,विकासखण्ड एवं सहकारिता स्तर पर कार्यरत USRLM एवं REAP के कार्मिकों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने मिशन के निर्धारित लक्ष्यों एवं अब तक की उपलब्धियों की गहन समीक्षा की तथा सभी संबंधित अधिकारियों को लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए ठोस रणनीति अपनाने के निर्देश दिए।मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक के दौरान स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता,उत्पादन एवं उनकी मार्केटिंग को बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जनपद की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे उत्पादों को बढ़ावा देना आवश्यक है,जो न केवल स्थानीय आजीविका को मजबूती दें,बल्कि बाहरी बाजारों में भी प्रतिस्पर्धा कर सकें।इस क्रम में उन्होंने विशेष रूप से स्थानीय स्तर पर ‘राखी निर्माण’ की संभावना पर चर्चा करते हुए कहा कि यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जा सकता है,जिससे महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और पारंपरिक संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग,पैकेजिंग और विपणन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें,जिससे SHG सदस्यों को लाभ मिल सके और उनकी आय में वृद्धि हो सके।बैठक में जिला मिशन प्रबंधक,जिला परियोजना प्रबंधक-REAP,ब्लॉक मिशन प्रबंधक,क्षेत्रीय समन्वयक एवं सहकारिता से जुड़े कार्मिक उपस्थित रहे।