Spread the love

प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। कल्याणेश्वर धर्मशाला में भारतीय गो क्रांति के सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और गौ माता पर होने वाले अन्याय के खिलाफ कठोर कानून बनाने सहित गौचर भूमि गौ सेवकों को दिए जाने की मांग उठाई गई। भारतीय गो क्रांति के महासचिव राजेंद्र प्रसाद बर्थवाल ने कहा कि गो गंगा कृपाकांक्षी पूज्य गोपाल मणि महाराज ने अपना जीवन गौ माता और गोवंश के लिए समर्पित किया है। उनका कहना है कि गौ माता को राष्ट्र माता के पद पर सुशोभित किया जाना चाहिए। साथ ही गौ माता पर होने वाले अत्याचार के लिए कठोर कानून बनाया जाए और गौचर भूमि गौ सेवकों को दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में कोई ठोस नीति नहीं बना पा रही है जिसके कारण आज गौ माता और गोवंश सड़कों पर कूड़ा और प्लास्टिक खाने के लिए मजबूर हैं। सरकार को इस ओर ध्यान देते हुए गौ माता को राष्ट्र माता के पद पर सुशोभित करना चाहिए। राजेंद्र प्रसाद बर्थवाल ने कहा कि गौ माता जीवन और मरण की रीढ़ की हड्डी है। बिना गाय के कोई भी शुभ और अशुभ कार्य नहीं हो सकते। मनुष्य के जीवन में धार्मिक कार्य मुंडन संस्कार विवाह तर्पण पितृ कार्य भागवत तथा बैतरणी नदी पार कर स्वर्ग की सीढ़ी जैसे धार्मिक प्रसंगों में गाय की पूंछ का महत्व बताया गया है। बैठक में मंजू मैठानी रामेश्वरी नैथानी बसंती पवार सुंदरी देवी उमा भंडारी कलम सिंह विक्रम सिंह रावत राजेंद्र प्रसाद बर्थवाल आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *