प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। विकासखंड दुगड्डा के उमरेला गांव में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं और जरूरतें जानीं। इस दौरान उन्होंने बुजुर्गों दिव्यांगजनों महिलाओं बच्चों सहित समस्त ग्रामवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा और त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। दिव्यांगजनों का मौके पर ही चिह्निकरण कर उन्हें जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण वितरित किए गए। वहीं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और बुजुर्गों की मांग को देखते हुए जिलाधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं और उपचार मिल सके। गांव पहुंचने पर ग्रामीण महिलाओं ने जिलाधिकारी का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया। जिलाधिकारी के आगमन पर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं और ग्रामीणों ने पुष्प भेंट कर उनका अभिनंदन किया। साथ ही गांव पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और जरूरतों को समझने के लिए समय देने पर आभार जताया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के आत्मीय व्यवहार और संवेदनशील पहल की सराहना की। जिलाधिकारी ने गांव की महिलाओं और बच्चों से भी आत्मीयता के साथ संवाद किया। महिलाओं से गांव में उपलब्ध सुविधाओं उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। वहीं बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं के बारे में जाना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को महिलाओं और बच्चों से जुड़ी समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दिव्यांगजनों की जरूरतों को समझते हुए मौके पर ही उनका चिह्निकरण किया गया और आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए गए। बीरसिंह और सुरेंद्र सिंह को छड़ी प्रदान की गई। बिमला देवी और बीर सिंह को कान की मशीन दी गई जबकि अलीशा को व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई। जिलाधिकारी ने कहा कि दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने और उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। वर्तमान में उमरेला गांव में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के 20 लाभार्थी हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव में कोई भी पात्र बुजुर्ग दिव्यांगजन अथवा अन्य जरूरतमंद व्यक्ति पेंशन और जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बुजुर्गों और महिलाओं ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रखते हुए गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविर में ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जाए ताकि बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए दूर न जाना पड़े। ग्रामीणों ने पेयजल पाइपलाइन सड़क सुधारीकरण और मरम्मत झाड़ी कटान तथा पंचायत घर और मंदिर के सौंदर्यीकरण से संबंधित समस्याएं भी जिलाधिकारी के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को इन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए ताकि ग्रामीणों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। वन विभाग से संबंधित समस्याओं में विशेष रूप से वन्यजीवों द्वारा पशुहानि पर मुआवजा उपलब्ध कराने और वन कर्मियों की नियमित गश्त का मामला उठाया गया। जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को इन शिकायतों का यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त उमरेला मार्ग पर अधिक किराया वसूलने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए परिवहन विभाग को निर्देशित किया। किसान सम्मान निधि दिव्यांग पेंशन और आधार कार्ड से संबंधित रुकमा देवी सरोजनी देवी तथा आलीशा बानो के प्रकरणों में जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को निरंतर अनुवर्ती कार्रवाई करने और शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबरिया खंड विकास अधिकारी दुगड्डा विद्यादत्त रतूड़ी ग्राम प्रधान संगीता देवी क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह रावत सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
