प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और आस्था के प्रतीक 50वें सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का नौ दिवसीय आयोजन भव्य और गरिमामय समारोह के साथ संपन्न हुआ। मेले के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने नौ दिवसीय महोत्सव के विधिवत समापन की घोषणा की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कोई भी बड़ा आयोजन केवल पैसे के बल पर सफल नहीं होता बल्कि सभी के आपसी तालमेल और समर्पण तथा सामूहिक भावना से संपन्न होता है। समाज के हर वर्ग का निःस्वार्थ सहयोग ही किसी मेले को वास्तविक अर्थों में भव्य और ऐतिहासिक बनाता है। उन्होंने मेला प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ क्षेत्र की जनता का टीम भावना से मिलकर कार्य करने के लिए आभार व्यक्त किया। इस ऐतिहासिक आयोजन को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में मेला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पवार के साथ समिति के प्रमुख पदाधिकारियों और सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी संचालन समितियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा गया। खेल समिति की देखरेख और धरातलीय प्रबंधन में कबड्डी और वॉलीबॉल के साथ एथलेटिक्स जैसी विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने खेल भावना के साथ प्रतिभाग किया। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और विजेता टीमों को पुरस्कार तथा स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मेले के दौरान रामलीला मैदान में आयोजित सांस्कृतिक संध्याओं में विभिन्न विधाओं के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। मेले की प्रमुख सांस्कृतिक संध्या पद्मश्री और जागर सम्राट प्रीतम भरत्वाण के नाम रही। पारंपरिक ढोल-दमाऊ की थाप पर उन्होंने मां नंदा के पौराणिक जागरों और लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी। उनकी गायकी ने वहां मौजूद हजारों दर्शकों को भावविभोर कर दिया। पारंपरिक लोक संस्कृति से जुड़ी इन प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। प्रीतम भरत्वाण के कार्यक्रम के बाद मंच पर विशेष रूप से लोकल नाइट यानी स्थानीय सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के स्कूली बच्चों और उभरते बाल कलाकारों ने नृत्य और गायन तथा वादन की शानदार प्रस्तुतियां दीं। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उत्तराखंड के पारंपरिक लोकनृत्यों पर मनमोहक सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किए। वहीं स्थानीय बच्चों ने अपनी सुरीली आवाज में सुंदर लोकगीत गाए और स्वयं वाद्य यंत्र बजाकर अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों के इस बहुमुखी हुनर और शानदार कला की पंडाल में मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर सराहना की। मुख्य अतिथि और मेला समिति ने प्रतिभावान बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की बेहतर व्यवस्थाओं के सहयोग से 50वां राष्ट्रीय कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। नौ दिनों तक चले इस आयोजन में धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति के साथ खेल गतिविधियों तथा स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया। मेले के समापन पर 4 करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के भव्य समापन अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने क्षेत्र की जनता को विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। समापन समारोह के दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और दीप प्रज्वलित करने के साथ मां कुंजापुरी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने कुल 476.15 लाख रुपये यानी करीब 4 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत वाले पांच बड़े विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार और विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
