प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्रदेश में सड़क एवं परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के प्रयासों के तहत बैराज-चीला-हरिद्वार मार्ग पर करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बीन नदी पुल का लगभग 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करना प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह पुल ऋषिकेश और हरिद्वार के बीच वैकल्पिक मार्ग को अधिक सुगम बनाने के साथ ही यमकेश्वर प्रखंड के डांडामंडल क्षेत्र के 82 गांवों सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आवागमन की सुविधा को मजबूत करेगा। विशेष रूप से बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित होने वाले आवागमन को सुरक्षित और सुचारु बनाने में यह पुल अहम साबित होगा। इससे स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं शिक्षा रोजगार और रोजमर्रा के कार्यों के लिए आवाजाही में राहत मिलेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि बीन नदी पर पुल बनने से वर्षाकाल में नदी के तेज बहाव के कारण प्रभावित होने वाले ग्रामीण संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। वर्तमान में नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थानीय लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पुल के निर्माण से बीमार व्यक्तियों को उपचार के लिए ऋषिकेश पहुंचाने विद्यार्थियों की आवाजाही और ग्रामीणों के दैनिक कार्यों में सुविधा होगी। साथ ही लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करने की जरूरत कम होने से समय और दूरी की बचत होगी। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग दुगड्डा के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने बताया कि केंद्रीय सड़क निधि के अंतर्गत इस पुल का निर्माण कराया जा रहा है। अप्रैल 2026 में शुरू हुई इस परियोजना के तहत बीन नदी पर 150 मीटर लंबा डबल लेन पुल बनाया जा रहा है। पुल में 50-50 मीटर के तीन स्पान होंगे। इसका कैरिजवे 7.5 मीटर चौड़ा रखा गया है जबकि फुटपाथ सहित पुल की कुल चौड़ाई 12 मीटर होगी। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। परियोजना को फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद जिलाधिकारी ने नीलकंठ मंदिर के समीप निर्माणाधीन बहुमंजिला पार्किंग का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान से परियोजना की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने और सुरक्षा संबंधी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए ताकि नीलकंठ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन से पार्क क्षेत्र में रात्रिकालीन आवाजाही वन्यजीवों की सुरक्षा तथा क्षेत्र में संचालित व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने लक्ष्मणझूला थाना पुलिस से रात्रिकालीन गश्त की स्थिति की जानकारी लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने जंगल सफारी के संचालन पर्यटकों की सुविधा और वन क्षेत्र से लगे गांवों की स्थिति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को हो रही समस्याओं के संबंध में भी जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की ताकि पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की सुविधाओं और सुरक्षा का भी समुचित ध्यान रखा जा सके। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता साहब सिंह सैनी और अपर सहायक अभियंता शशि प्रकाश सहित पुलिस तथा वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
