Spread the love

प्रदीप कुमार
गैरसैंण/श्रीनगर गढ़वाल। आज विधानसभा सत्र के दौरान शांति व्यवस्था संभाल रहे अधिकारियों और जवानों को चोटें आईं। वर्दी पहनने से दर्द कम नहीं होता। वर्दी के पीछे भी एक इंसान होता है जिसका अपना परिवार है और एक दिल है जो धड़कता है। प्रदर्शन करना लोकतंत्र का अधिकार है और शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का कर्तव्य है। लोकतंत्र में प्रदर्शन के अधिकार और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दोनों का सम्मान करना जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *