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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को जनपद के बोर्डिंग स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं आवश्यकताओं को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सात कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के साथ एक पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल और एक राजीव गांधी नवोदय विद्यालय देवलधार में छात्र-छात्राओं की संख्या कार्मिकों की उपलब्धता पेयजल छात्रावास एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों के वार्डन एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं को ऐसा अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए जिससे वे एकाग्रता के साथ पढ़ाई कर सकें अपनी शैक्षणिक क्षमता में सुधार कर सकें और परीक्षाओं में बेहतर अंक प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और उनके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। इसमें विशेष रूप से वार्डन की भूमिका महत्वपूर्ण है इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। बैठक में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं की संख्या तथा वार्डन अंशकालिक शिक्षक अकाउंटेंट हेड कुक असिस्टेंट कुक एवं चौकीदार सहित विभिन्न कार्मिकों की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। अवगत कराया गया कि भिलंगना विकासखंड के अखोड़ी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में वार्डन का एक पद और प्रतापनगर स्थित विद्यालय में अकाउंटेंट का एक पद रिक्त है। वहीं हेड कुक असिस्टेंट कुक एवं चौकीदार के सभी पद भरे हुए हैं। मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा के दौरान नरेंद्रनगर के आमपाटा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण टैंकर से अस्थायी जलापूर्ति किए जाने की जानकारी दी गई। हालांकि टैंकर से पानी की आवश्यकता पूरी नहीं हो पा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने पेयजल समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई पर जोर दिया। बैठक में आमपाटा विद्यालय के उन्नयन के लिए भेजे गए प्रस्ताव के संबंध में भी जानकारी दी गई कि विद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध है और प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। विद्यालयों द्वारा कंप्यूटर उपलब्ध कराने की मांग पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने निर्देश दिए कि आमपाटा रौतू की बेली सहित अन्य संबंधित विद्यालयों में जल्द ही कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों की लाइब्रेरी में पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं वे मुख्यालय से आवश्यक पुस्तकें प्राप्त कर लें ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए पर्याप्त सामग्री मिल सके। कुछ विद्यालयों में सोलर गीजर की मरम्मत की आवश्यकता सामने आने पर जिलाधिकारी ने उरेडा विभाग को संबंधित स्थलों का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन करने और मरम्मत के लिए आवश्यक प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जिन विद्यालयों में रोटी बनाने की मशीन की आवश्यकता है उन्हें इसके लिए प्रस्ताव भेजने को कहा गया। प्रतापनगर के सुजाड़ गांव स्थित विद्यालय में फेंसिंग की आवश्यकता से भी अवगत कराया गया। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि विद्यालयों में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी कक्ष यानी आईसीटी कक्ष लाइब्रेरी सीसीटीवी कैमरे रूम हीटर फ्रिज वॉशिंग मशीन एलईडी टीवी ओपन जिम संगीत वाद्ययंत्र और वेंडिंग मशीन सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि विद्यालय में 318 बालक और 223 बालिकाएं सहित कुल 541 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालय में शिक्षण कार्मिकों के दो पद और गैर शिक्षण कार्मिकों का एक पद रिक्त है। विद्यालय में पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने खेल मैदान की मरम्मत सोलर लाइट स्थापित करने और पीआरडी कार्मिकों की तैनाती जैसी आवश्यकताओं को भी बैठक में रखा गया। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय देवलधार के संबंध में प्रस्तुत विवरण के अनुसार विद्यालय में 97 छात्र और 119 छात्राएं सहित कुल 216 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। बैठक में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन के मेन्यू की जानकारी दी गई। विद्यालय में बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार की आवश्यकता बताई गई। इसके अतिरिक्त छात्रावास में बेड स्टडी टेबल और कुर्सियों की कमी से भी अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी अधिकारियों के संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल संपर्क किया जा सके। उन्होंने बच्चों के लिए आवश्यक आपातकालीन दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ भोजन कक्ष और भोजन करने की व्यवस्था में साफ-सफाई तथा उचित प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में बेडशीट कंबल अथवा अन्य आवश्यक सामग्री की कमी है वे तत्काल इसकी जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जा सकें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की शिक्षा स्वास्थ्य सुरक्षा एवं दैनिक सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी इन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दें और विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल आईएएस प्रशिक्षु ज्योति मुख्य शिक्षा अधिकारी कमला बड़वाल तथा वार्डन सुनंदा मधु आशा बिष्ट अदिति प्रदीप शुक्ला सुरेंद्र नेगी और डॉ.आनंद पाल सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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