ग्रामोत्थान परियोजना से मिली मदद:गरीब महिला ने प्रोविजन स्टोर के जरिए पाई आर्थिक सफलता
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे के निर्देशों के क्रम में,जनपद हरिद्वार के समस्त विकासखंडों में अल्ट्रा पूअर सपोर्ट,एंटरप्राइजेज फॉर्म & नॉन फॉर्म,और सीबीओ लेवल के एंटरप्राइजेज की स्थापना की गई है। इसी कड़ी में,ग्रामोत्थान रीप परियोजना ,IFAD के सहयोग से उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास समिति UGVS द्वारा संचालित,ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।बहादराबाद विकासखंड के अतमलपुर बौंगला गाँव की निवासी दीपा,ऐसी ही एक उद्यमी हैं जिन्होंने इस परियोजना की सहायता के माध्यम से सफलता हासिल की है। दीपा पहले एक छोटे स्तर पर प्रोविजन स्टोर चला रही थीं,जो उनके परिवार की आय का एकमात्र स्रोत था।ग्रामोत्थान रीप परियोजना टीम के दौरे के दौरान,यह देखा गया कि दीपा अत्यंत गरीब थीं और अपने उद्यम को बड़े स्तर पर ले जाने की इच्छुक थीं।ग्रामोत्थान रीप परियोजना ने दीपा को अल्ट्रा पूअर सपोर्ट के तहत 35,000 रुपये का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया,जिसके साथ उन्होंने अपने 7,000 रुपये के स्वयं के अंशदान को मिलाकर अपने प्रोविजन स्टोर को बड़े स्तर पर विस्तारित किया।यह वित्तीय सहायता दीपा के लिए एक गेम-चेंजर साबित हुई। अब,वह अपने परिवार का भरण-पोषण बेहतर तरीके से कर रही हैं और प्रतिमाह 8,000 से 10,000 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।दीपा बाला जी एस.एच.जी समूह की सदस्य हैं,जिसका गठन 5 जुलाई 2022 को हुआ था,और यह समूह आस्था ग्राम संगठन का हिस्सा है,जो श्रद्धा सी.एल.एफ.के अंतर्गत आता है।दीपा की कहानी ग्रामोत्थान रीप परियोजना और जिला प्रशासन हरिद्वार के सफल क्रियान्वयन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है,जो ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को बढ़ाने और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। दीपा जैसी महिलाओं की सफलता अन्य ग्रामीणों को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित करेगी।
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ग्रामोत्थान परियोजना से मिली मदद:गरीब महिला ने प्रोविजन स्टोर के जरिए पाई आर्थिक सफलता
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे के निर्देशों के क्रम में,जनपद हरिद्वार के समस्त विकासखंडों में अल्ट्रा पूअर सपोर्ट,एंटरप्राइजेज फॉर्म & नॉन फॉर्म,और सीबीओ लेवल के एंटरप्राइजेज की स्थापना की गई है। इसी कड़ी में,ग्रामोत्थान रीप परियोजना ,IFAD के सहयोग से उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास समिति UGVS द्वारा संचालित,ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।बहादराबाद विकासखंड के अतमलपुर बौंगला गाँव की निवासी दीपा,ऐसी ही एक उद्यमी हैं जिन्होंने इस परियोजना की सहायता के माध्यम से सफलता हासिल की है। दीपा पहले एक छोटे स्तर पर प्रोविजन स्टोर चला रही थीं,जो उनके परिवार की आय का एकमात्र स्रोत था।ग्रामोत्थान रीप परियोजना टीम के दौरे के दौरान,यह देखा गया कि दीपा अत्यंत गरीब थीं और अपने उद्यम को बड़े स्तर पर ले जाने की इच्छुक थीं।ग्रामोत्थान रीप परियोजना ने दीपा को अल्ट्रा पूअर सपोर्ट के तहत 35,000 रुपये का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया,जिसके साथ उन्होंने अपने 7,000 रुपये के स्वयं के अंशदान को मिलाकर अपने प्रोविजन स्टोर को बड़े स्तर पर विस्तारित किया।यह वित्तीय सहायता दीपा के लिए एक गेम-चेंजर साबित हुई। अब,वह अपने परिवार का भरण-पोषण बेहतर तरीके से कर रही हैं और प्रतिमाह 8,000 से 10,000 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।दीपा बाला जी एस.एच.जी समूह की सदस्य हैं,जिसका गठन 5 जुलाई 2022 को हुआ था,और यह समूह आस्था ग्राम संगठन का हिस्सा है,जो श्रद्धा सी.एल.एफ.के अंतर्गत आता है।दीपा की कहानी ग्रामोत्थान रीप परियोजना और जिला प्रशासन हरिद्वार के सफल क्रियान्वयन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है,जो ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को बढ़ाने और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। दीपा जैसी महिलाओं की सफलता अन्य ग्रामीणों को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित करेगी।