प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य निर्माण की मूल भावना के अनुरूप प्रदेश को विकास और सुरक्षा के साथ पारदर्शी शासन तथा विधिक सुदृढ़ीकरण की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के उद्देश्य से बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी और भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ जिला पौड़ी गढ़वाल के जिला संयोजक अनूप श्री पांथरी तथा सहसंयोजक विकास पंत के नेतृत्व में अधिवक्ताओं और पदाधिकारियों की विशेष विचार गोष्ठी एवं बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनहित में लिए गए निर्णयों की सराहना करते हुए उनके कार्यों का स्वागत किया गया। साथ ही आगामी 31 अक्टूबर को श्रीनगर में आयोजित होने वाली भाजपा की विशाल लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ पदयात्रा को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी और भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अनूप श्री पांथरी ने संयुक्त रूप से कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जुलाई 2021 में पदभार ग्रहण करने के बाद लिए गए नीतिगत और विधिक फैसलों के साथ विकासपरक निर्णय उत्तराखंड के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उन्होंने कहा कि दशकों से लंबित जटिल विधिक विषयों और प्रशासनिक विसंगतियों पर दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ लिए गए निर्णयों से उत्तराखंड में सुशासन को मजबूती मिली है। अधिवक्ताओं ने सरकार के प्रमुख निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। इससे सभी नागरिकों और विशेष रूप से महिलाओं के विधिक अधिकारों को सशक्त आधार मिला है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए बनाए गए सख्त कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इससे परीक्षाओं में शुचिता सुनिश्चित करने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में कदम उठाया गया है। बैठक में धर्मांतरण रोधी कानून और दंगा विरोधी कानून का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि धर्मांतरण कानून को गैर-जमानती और कठोर बनाया गया है। वहीं सरकारी तथा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों से नुकसान की भरपाई कराने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं। अधिवक्ताओं ने अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए गए अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि पांच हजार एकड़ से अधिक सरकारी वन और नजूल भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों तथा उनके आश्रितों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के कानून को भी महत्वपूर्ण बताया गया। बैठक में अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सुधारों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के ढांचे के विधिक पुनर्गठन और मदरसा बोर्ड के स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन की पहल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों को आधुनिक और मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने तथा एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। अधिवक्ताओं ने प्रदेश में सड़क और रेल संपर्क को मजबूत बनाने के लिए चारधाम ऑलवेदर रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जैसी परियोजनाओं के साथ श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के विस्तार और किच्छा में एम्स सैटेलाइट सेंटर की पहल का उल्लेख किया। इसके अलावा एयर एंबुलेंस सेवा और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के साथ गरीब परिवारों को वर्ष में तीन मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने तथा लखपति दीदी योजना जैसे जनकल्याणकारी कदमों के लिए भी सरकार का आभार जताया। विचार गोष्ठी में 31 अक्टूबर को श्रीनगर में आयोजित होने वाली भाजपा की लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ पदयात्रा को सफल बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई। भाजपा विधि प्रकोष्ठ जिला पौड़ी गढ़वाल के जिला संयोजक अनूप श्री पांथरी ने अधिवक्ताओं और विधि विशेषज्ञों के साथ प्रबुद्ध नागरिकों से पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर को श्रीनगर की पावन भूमि पर आयोजित होने वाली पदयात्रा केवल राजनीतिक आयोजन नहीं है बल्कि सुशासन और पारदर्शिता के साथ देवभूमि के मान-सम्मान की रक्षा का जन अभियान है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रदेश प्रभारी सांसद विधायक तथा हजारों कार्यकर्ता प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने पौड़ी गढ़वाल जनपद के अधिवक्ताओं से भारी संख्या में उपस्थित होकर पदयात्रा को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने और कानून के राज तथा लोकतंत्र की मजबूती के लिए एकजुटता प्रदर्शित करने का आह्वान किया। बैठक में बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी और अनूप श्री पांथरी के साथ सहसंयोजक विकास पंत तथा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष परमेश चंद्र जोशी उपस्थित रहे। इनके अलावा महेंद्र पाल सिंह रावत और पूर्व सहसचिव प्रदीप मैठाणी के साथ ब्रह्मानंद भट्ट देवी प्रसाद खरे सुबोध भट्ट विवेक जोशी नितेश भारती परमानंद मैठाणी ओम प्रकाश मैठाणी बलवीर सिंह रोतेला आनंद सिंह बुटोला कुलदीप दानू प्रेरणा काला गौरव उपाध्याय और सुरेंद्र सिंह रोथान सहित विधिक जगत के अनेक वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में 31 अक्टूबर की पदयात्रा को सफल बनाने का समर्थन किया।
