प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों एवं उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून द्वारा 26 से 31 अक्टूबर 2026 तक जनपद में सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों के नेतृत्व में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से लगभग 60 हजार विद्यार्थियों को बाल अधिकारों बाल संरक्षण पॉक्सो अधिनियम एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। शिविरों में साइबर विभाग बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) केस वर्कर्स शिक्षक पैनल अधिवक्ता एवं पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) ने सक्रिय सहभागिता की। विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान शोषण एवं उत्पीड़न से बचाव इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा किसी भी असुरक्षित परिस्थिति में सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई। इस दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 15100 चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 तथा साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 के संबंध में भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण अथवा अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप न रहें और इसकी जानकारी तत्काल अपने अभिभावकों शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को दें। अभियान को प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए विद्यालयों में जागरूकता प्रतियोगिताएं एवं हेल्प डेस्क आयोजित की गईं। साथ ही बाल संरक्षण संबंधी संदेशों का निरंतर प्रसार करने के लिए विद्यालयों को पोस्टर बुकलेट एवं अन्य जागरूकता सामग्री उपलब्ध कराई गई। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून की सचिव सीमा डूंगराकोटी ने कहा कि सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित समाज और सशक्त भविष्य की आधारशिला है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक बच्चा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो तथा स्वयं को असुरक्षित परिस्थितियों से बचाने में सक्षम बने। आवश्यकता पड़ने पर वह बिना किसी भय या संकोच के सहायता प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से लगभग 60 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी न्यायिक अधिकारियों विभागों विद्यालयों एवं अन्य प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून बच्चों के अधिकारों के संरक्षण विधिक जागरूकता एवं समाज के कमजोर वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
