प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी त्योहारों के दौरान जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने और पर्वों को शांतिपूर्ण सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नगर मजिस्ट्रेट तथा उपजिलाधिकारी हरिद्वार लक्सर एवं भगवानपुर सहित संबंधित अधिकारियों को जारी आदेश में कहा है कि त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। जिलाधिकारी ने बताया कि 06 नवंबर 2026 को धनतेरस 08 नवंबर को दीपावली 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा 11 नवंबर को भैयादूज 14 एवं 15 नवंबर को छठ पूजा तथा 20 नवंबर को ईगास-बग्वाल का पर्व मनाया जाएगा। दीपावली सहित अन्य त्योहारों पर आम नागरिकों द्वारा खरीदारी की जाती है और मिठाइयों आतिशबाजी एवं सजावट का सामान खरीदा जाता है। इन अवसरों पर जुआ खेलने जैसी कुप्रथाएं भी कई वर्षों से प्रचलन में हैं। भैयादूज पर महिलाओं की बड़ी संख्या में आवाजाही रहती है जबकि छठ पर्व पर श्रद्धालु सुबह और शाम नदी एवं तालाबों के किनारे बड़ी संख्या में एकत्रित होकर भगवान सूर्य की उपासना करते हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विगत दिनों खाद्य पदार्थों में थूकने की घटनाएं सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई हैं। ऐसी घटनाओं से साम्प्रदायिक सद्भाव और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। सत्यापन अभियान चलाने के साथ सीसीटीवी कैमरों का व्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। ऐसी घटनाओं की जानकारी मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रावधानों के अनुसार कदम उठाए जाएं ताकि कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति उत्पन्न न हो। पूर्व में घटित घटनाओं और वर्तमान में प्रचलित विवादों की समीक्षा कर उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। त्योहारों के दौरान किसी संदिग्ध वस्तु की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि आमजन में भय का माहौल न बने। जुलूस एवं शोभायात्राओं के दौरान किसी वाहन से टकराव अथवा यातायात संबंधी बाधा उत्पन्न होने की स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी की जाए। जुलूस में देरी जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए सार्थक प्रयास किए जाएं। मंदिरों के आसपास भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भगदड़ की स्थिति न बने इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाए। दीपावली एवं अन्य महत्वपूर्ण त्योहारों से पहले विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाए और आवश्यकतानुसार पटाखों की पैकिंग कराकर ही बिक्री सुनिश्चित की जाए। धनतेरस पर महिलाओं की विशेष आवाजाही को देखते हुए यातायात की समुचित व्यवस्था की जाए। महिलाओं से छेड़छाड़ चेन स्नैचिंग लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं। छठ पूजा के दौरान नदियों एवं तालाबों के किनारे श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में जुटने की संभावना को देखते हुए घाटों की साफ-सफाई प्रकाश व्यवस्था भीड़ नियंत्रण और आवागमन के लिए उचित यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया पर असामाजिक एवं कट्टरपंथी तत्वों द्वारा अफवाहें फैलाने की आशंका को देखते हुए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। त्योहारों के दौरान आतिशबाजी के सामान एवं अन्य सामग्री पर आपत्तिजनक धार्मिक चित्र अंकित किए जाने की संभावना को देखते हुए भी सतर्कता बरती जाए। पटाखे चलाने को लेकर दूसरे समुदाय के भवनों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों के आसपास विवाद की आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रभावी इंतजाम किए जाएं। आतिशबाजी एवं पटाखों के असुरक्षित भंडारण और परिवहन में लापरवाही तथा अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से आगजनी की घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए इन सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। जुए में हार-जीत को लेकर विवाद की आशंका पर भी सतर्कता बरती जाए। विद्युत आपूर्ति अनियमित अथवा बाधित होने पर हंगामे की स्थिति न बने इसके लिए संबंधित विभाग आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। एक समुदाय द्वारा दूसरे समुदाय पर छींटाकशी किए जाने से सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए भी प्रभावी निगरानी रखी जाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पर्वों के अवसर पर पटाखों एवं आतिशबाजी की दुकानों और भंडारण की अनुमति भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर खुले मैदानों में सीमित संख्या में दी जाए। ऐसे स्थानों पर 24 घंटे अग्निशमन की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। आतिशबाजी एवं पटाखों की दुकान लगाने वाले व्यापारियों को अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम करने होंगे और उचित व्यवस्था के बिना दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दुकानों एवं गोदामों की नियमानुसार जांच कर पटाखों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए ताकि अवैध अथवा मिलावटी पटाखों की बिक्री रोकी जा सके। अनधिकृत रूप से पटाखों का भंडारण अथवा कारोबार करने वालों के साथ खाद्य पदार्थों में अपमिश्रण करने और नकली उत्पाद बेचने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। त्योहारों के दौरान बाजारों में अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित न हो इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाए और सुरक्षा संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के प्रभावी कदम उठाए जाएं। जनपद के मिश्रित आबादी वाले और साम्प्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषकर कनखल एवं रुड़की में आयोजित होने वाले मेलों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं सैलानियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने आतंकवादी गतिविधियों के दृष्टिगत वर्तमान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य तथा विगत वर्षों में देश-विदेश के विभिन्न स्थानों पर हुई आतंकवादी और साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाओं का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने अमेरिका एवं यूरोप के विभिन्न देशों में हुई आतंकवादी घटनाओं और देश में पूर्व में घटित घटनाओं से सबक लेते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा। जनपद में ज्वालापुर बहादराबाद और अन्य क्षेत्रों के संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए। राज्य के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों सैन्य संस्थानों स्कूलों रेलवे स्टेशनों नगरीय क्षेत्रों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को लक्ष्य बनाकर की जाने वाली संभावित आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए समय-समय पर मिलने वाली सूचनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। रेलवे स्टेशन बस स्टेशन पार्किंग स्थल भीड़भाड़ वाले बाजारों धार्मिक स्थलों और विशेषकर शोभायात्रा मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर धार्मिक रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां और चित्र पोस्ट किए जाने तथा साम्प्रदायिक प्रकृति के मामलों से संवेदनशीलता बढ़ने की आशंका को देखते हुए डिजिटल माध्यमों पर असामाजिक गतिविधियों की विशेष निगरानी की जाए। किसी भी साम्प्रदायिक घटना अथवा अन्य दुर्घटना की सूचना मिलने पर संबंधित वरिष्ठ अधिकारी स्वयं तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल सक्रिय रहकर अफवाहों का खंडन करे तथा जनपदीय अभिसूचना इकाई गोपनीय ढंग से आवश्यक कार्रवाई करे। उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारियों एवं पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों से त्योहारों के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां और आवश्यक कार्रवाई समय से पूरी करने की अपेक्षा की। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धनतेरस दीपावली गोवर्धन पूजा भैयादूज एवं छठ पूजा के अवसर पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के साथ सुदृढ़ कानून व्यवस्था शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भी निर्देशित किया है। इनमें मुख्य चिकित्साधिकारी अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन एवं वित्त तथा राजस्व मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार एवं रुड़की अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड हरिद्वार एवं रुड़की नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिकारी अधिशासी अभियंता पेयजल निगम एवं उत्तराखंड जल संस्थान मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी जिला पूर्ति अधिकारी जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी तथा वरिष्ठ निरीक्षक बाट-माप शामिल हैं।
