केदारनाथ यात्रा पैदल मार्ग पर संवेदनशील क्षेत्रों में लगाए गए नए चेतावनी बोर्ड यात्रा को सुरक्षित सुगम बना रहा जिला प्रशासन
प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रूद्रप्रयाग श्रीनगर गढ़वाल।केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने हेतु जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है।मॉनसून सत्र को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनज़र गौरीकुंड से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग पर विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी एवं दिशा-निर्देश संबंधी बोर्ड लगाए गए हैं। जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने गौरीकुंड,घोड़ा पड़ाव,जंगलचट्टी,भीमबली सहित अन्य निकटवर्ती क्षेत्रों में ऐसे स्थानों की पहचान की है जहाँ भूस्खलन,पत्थर गिरने,मार्ग फिसलन,अथवा नदी-नालों का जल स्तर बढ़ने की संभावना अधिक होती है। इन सभी चिन्हित स्थलों पर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं,जिनमें यात्रियों को सतर्क रहने,मार्ग पर न रुकने तथा प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग गुप्तकाशी विनय झिंकवाण ने बताया कि पूर्व में भी दस संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्डों को लगाया गया है तथा वर्तमान में 8 नए चेतावनी बोर्डों को पत्थर गिरने तथा भूस्खलन संभावित संवेदनशील स्थलों पर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इन चेतावनी बोर्डों के माध्यम से यात्री सचेत रहेंगे जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग सभी यात्रियों से अपील करता है कि वे मौसम की स्थितियों की जानकारी लेकर ही यात्रा प्रारंभ करें और मार्ग में दर्शाए गए निर्देशों का पूर्णतःपालन करें तथा यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें एवं केवल आधिकारिक सूचना स्रोतों पर ही भरोसा करें।प्रशासन सभी यात्रियों की सुखद,सुरक्षित और निर्विघ्न यात्रा के लिए प्रतिबद्ध है।
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केदारनाथ यात्रा पैदल मार्ग पर संवेदनशील क्षेत्रों में लगाए गए नए चेतावनी बोर्ड यात्रा को सुरक्षित सुगम बना रहा जिला प्रशासन
प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रूद्रप्रयाग श्रीनगर गढ़वाल।केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने हेतु जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है।मॉनसून सत्र को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनज़र गौरीकुंड से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग पर विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी एवं दिशा-निर्देश संबंधी बोर्ड लगाए गए हैं। जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने गौरीकुंड,घोड़ा पड़ाव,जंगलचट्टी,भीमबली सहित अन्य निकटवर्ती क्षेत्रों में ऐसे स्थानों की पहचान की है जहाँ भूस्खलन,पत्थर गिरने,मार्ग फिसलन,अथवा नदी-नालों का जल स्तर बढ़ने की संभावना अधिक होती है। इन सभी चिन्हित स्थलों पर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं,जिनमें यात्रियों को सतर्क रहने,मार्ग पर न रुकने तथा प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग गुप्तकाशी विनय झिंकवाण ने बताया कि पूर्व में भी दस संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्डों को लगाया गया है तथा वर्तमान में 8 नए चेतावनी बोर्डों को पत्थर गिरने तथा भूस्खलन संभावित संवेदनशील स्थलों पर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इन चेतावनी बोर्डों के माध्यम से यात्री सचेत रहेंगे जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग सभी यात्रियों से अपील करता है कि वे मौसम की स्थितियों की जानकारी लेकर ही यात्रा प्रारंभ करें और मार्ग में दर्शाए गए निर्देशों का पूर्णतःपालन करें तथा यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें एवं केवल आधिकारिक सूचना स्रोतों पर ही भरोसा करें।प्रशासन सभी यात्रियों की सुखद,सुरक्षित और निर्विघ्न यात्रा के लिए प्रतिबद्ध है।