अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर सहकारिता मंत्री ने दिया बड़ा संदेश कही ये बात
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड सहकारिता विभाग द्वारा आज विभागीय सभागार में "उत्तराखंड में सहकारी अधिनियम एवं नियमों में सुधार पारदर्शिता,स्वायत्तता और टिकाऊ विकास की दिशा में" विषय पर एक दिवसीय विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने की।इस विचार गोष्ठी में सहकारिता विभाग के निबंधक मेहरबान सिंह बिष्ट,अपर निबंधक,संयुक्त निबंधक,उप निबंधक एवं सहायक निबंधक सहित समस्त जनपदों से आए सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं सहकारी बंधु उपस्थित रहे।अपने संबोधन में सहकारिता मंत्री डॉ.रावत ने सहकारी क्षेत्र में विधिक एवं तकनीकी सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने कहा कि पारदर्शी,स्वायत्त और जवाबदेह सहकारिता व्यवस्था के निर्माण हेतु अधिनियमों एवं नियमों का समयानुकूल संशोधन आवश्यक है। मंत्री ने सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण,पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने,लेखा परीक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने एवं सहकारी न्याय तंत्र को सुदृढ़ करने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।डॉ.रावत ने कहा कि उत्तराखंड में सहकारिता को पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास का आधार बनाया जा रहा है।उन्होंने प्रतिभागियों से व्यवहारिक सुझाव आमंत्रित करते हुए आश्वस्त किया कि उपयोगी सुझावों को अधिनियम एवं नियमों में संशोधन हेतु प्राथमिकता दी जाएगी।गोष्ठी में आगामी 8 एवं 9 जुलाई को आयोजित मंथन शिविर के लिए अधिकारियों को पूर्ण तैयारी के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी जनपदों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। मंत्री ने कहा कि मंथन शिविर के उपरांत प्रदेश की शीर्ष सहकारी संस्थाओं की प्रगति रिपोर्ट वे स्वयं देखेंगे।सभी प्रबंध निदेशकों को शिविर के बाद प्रस्तुति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही,पैक्स समितियों को ‘बिजनेस डेवलपमेंट प्लान’ के तहत कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा गया है।कार्यक्रम का समापन सहभागी विचार-विमर्श के साथ हुआ,जिसमें उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड के समग्र विकास में सहकारिता की भूमिका को सशक्त बनाने हेतु अपने विचार एवं संकल्प साझा किए।इस अवसर पर अपर निबंधक ईरा उप्रेती,आनंद शुक्ल;संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल,मंगला त्रिपाठी;उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल;सहायक निबंधक राजेश चौहान,मोनिका चूनेरा;एडीसीओ दिग्विजय बड़थ्वाल सहित अन्य उपस्थित रहे।
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अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर सहकारिता मंत्री ने दिया बड़ा संदेश कही ये बात
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड सहकारिता विभाग द्वारा आज विभागीय सभागार में “उत्तराखंड में सहकारी अधिनियम एवं नियमों में सुधार पारदर्शिता,स्वायत्तता और टिकाऊ विकास की दिशा में” विषय पर एक दिवसीय विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने की।इस विचार गोष्ठी में सहकारिता विभाग के निबंधक मेहरबान सिंह बिष्ट,अपर निबंधक,संयुक्त निबंधक,उप निबंधक एवं सहायक निबंधक सहित समस्त जनपदों से आए सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं सहकारी बंधु उपस्थित रहे।अपने संबोधन में सहकारिता मंत्री डॉ.रावत ने सहकारी क्षेत्र में विधिक एवं तकनीकी सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने कहा कि पारदर्शी,स्वायत्त और जवाबदेह सहकारिता व्यवस्था के निर्माण हेतु अधिनियमों एवं नियमों का समयानुकूल संशोधन आवश्यक है। मंत्री ने सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण,पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने,लेखा परीक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने एवं सहकारी न्याय तंत्र को सुदृढ़ करने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।डॉ.रावत ने कहा कि उत्तराखंड में सहकारिता को पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास का आधार बनाया जा रहा है।उन्होंने प्रतिभागियों से व्यवहारिक सुझाव आमंत्रित करते हुए आश्वस्त किया कि उपयोगी सुझावों को अधिनियम एवं नियमों में संशोधन हेतु प्राथमिकता दी जाएगी।गोष्ठी में आगामी 8 एवं 9 जुलाई को आयोजित मंथन शिविर के लिए अधिकारियों को पूर्ण तैयारी के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी जनपदों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। मंत्री ने कहा कि मंथन शिविर के उपरांत प्रदेश की शीर्ष सहकारी संस्थाओं की प्रगति रिपोर्ट वे स्वयं देखेंगे।सभी प्रबंध निदेशकों को शिविर के बाद प्रस्तुति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही,पैक्स समितियों को ‘बिजनेस डेवलपमेंट प्लान’ के तहत कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा गया है।कार्यक्रम का समापन सहभागी विचार-विमर्श के साथ हुआ,जिसमें उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड के समग्र विकास में सहकारिता की भूमिका को सशक्त बनाने हेतु अपने विचार एवं संकल्प साझा किए।इस अवसर पर अपर निबंधक ईरा उप्रेती,आनंद शुक्ल;संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल,मंगला त्रिपाठी;उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल;सहायक निबंधक राजेश चौहान,मोनिका चूनेरा;एडीसीओ दिग्विजय बड़थ्वाल सहित अन्य उपस्थित रहे।