जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह शुरू 18 जुलाई तक होगा आयोजन
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में विश्व जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह का शुभारंभ हो गया। इस मौके पर विभिन्न चिकित्सा इकाईयों में आयोजित संगोष्ठियों में महिलाओं के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित मातृत्व पर जोर देते हुए जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए परिवार नियोजन की स्थाई व अस्थाई सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.राम प्रकाश ने बताया कि ”मां बनने की उम्र वही,जब तन और मन की तैयारी सही” थीम पर जनपद के समस्त ब्लाकों में जागरूकता गोष्ठियों के आयोजन के साथ विश्व जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह का शुभारंभ कर दिया गया है। उन्होंने जनसंख्या स्थिरीकरण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ रही जनसंख्या से समस्याएं भी बढ़ रही हैं,जिसके दृष्टिगत आने वाली पीढ़ी के सुखद भविष्य के लिए जनसंख्या स्थिरीकरण बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई तक चलने वाले जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह के तहत समस्त चिकित्सा इकाईयों में परिवार नियोजन सेवाएं,स्वास्थ्य शिक्षा व चिकित्सकीय परामर्श की सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जा रहीं है।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में आयोजित कार्यक्रमोें में में जनसंख्या वृद्धि से होने वाले प्रतिकूल प्रभावों व जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा की गई।वक्ताओं ने कहा कि पहला बच्चा 20 वर्ष की उम्र के बाद हो, वो भी तब जब स्त्री तन व मन से स्वस्थ हो। साथ ही दो बच्चों में तीन वर्ष का अंतर रखने व बच्चों में अंतर रखने के लिए गर्भ निरोधक साधनों का उपयोग करने पर जोर दिया गया। बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवार नियोजन के साधन पुरूष नसबन्दी कराने पर रूपए 2000 की,महिला नसबन्दी कराने पर रूपए 1400 व गर्भ निरोधक उपाय पीपीआईयूसीडी अपनाने पर रूपए 300 व प्रसव के बाद 7 दिन के भीतर नसबन्दी अपनाने पर रूपए 2200 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। वहीं,विश्व जनसंख्या सप्ताह के तहत जनपद में 14 जुलाई व 17 जुलाई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि में,15 व 18 जुलाई को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में महिला नसबन्दी शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
