मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने रुद्रप्रयाग में महिलाओं के साथ किया संवाद आत्मनिर्भर बनाने पर दिया जोर
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और योजनाओं के प्रभाव को प्रत्यक्ष रूप से समझने के लिए कुछ महिला उद्यमियों से विशेष बातचीत की।मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान जय मां वैष्णव स्वयं सहायता समूह की सदस्य गीता पेलड़ा से संवाद करते हुए उनसे राखी और मिठाई निर्माण की प्रक्रिया,उनकी आमदनी,और वर्तमान में आने वाली चुनौतियों के विषय में विस्तार से जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने गीता पेलड़ा के कार्य की सराहना करते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके जैसे उद्यमशील लोगों के साथ खड़ी है।कार्यक्रम स्थल पर ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित राखियों और पारंपरिक मिठाइयों का स्टॉल भी लगाया गया,जिसने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इन उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं,जिससे महिला समूहों की आमदनी में इज़ाफा हो रहा है।इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा,यह पहल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है,बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिरता का मजबूत आधार भी बन रही है।प्रशासन हर संभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम में उपस्थित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने साझा किया कि इस प्रकार की प्रदर्शनियों और योजनाओं से उन्हें स्थायी बाजार और आत्मविश्वास मिला है,जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत,जिला परियोजना प्रबंधक ब्रह्म कांत भट्ट,मुख्यमंत्री उद्यम सलाह योजना के इनक्यूबेशन मैनेजर शिता,तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं मौजूद रहीं।
Spread the love
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने रुद्रप्रयाग में महिलाओं के साथ किया संवाद आत्मनिर्भर बनाने पर दिया जोर
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और योजनाओं के प्रभाव को प्रत्यक्ष रूप से समझने के लिए कुछ महिला उद्यमियों से विशेष बातचीत की।मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान जय मां वैष्णव स्वयं सहायता समूह की सदस्य गीता पेलड़ा से संवाद करते हुए उनसे राखी और मिठाई निर्माण की प्रक्रिया,उनकी आमदनी,और वर्तमान में आने वाली चुनौतियों के विषय में विस्तार से जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने गीता पेलड़ा के कार्य की सराहना करते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके जैसे उद्यमशील लोगों के साथ खड़ी है।कार्यक्रम स्थल पर ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित राखियों और पारंपरिक मिठाइयों का स्टॉल भी लगाया गया,जिसने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इन उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं,जिससे महिला समूहों की आमदनी में इज़ाफा हो रहा है।इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा,यह पहल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है,बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिरता का मजबूत आधार भी बन रही है।प्रशासन हर संभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम में उपस्थित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने साझा किया कि इस प्रकार की प्रदर्शनियों और योजनाओं से उन्हें स्थायी बाजार और आत्मविश्वास मिला है,जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत,जिला परियोजना प्रबंधक ब्रह्म कांत भट्ट,मुख्यमंत्री उद्यम सलाह योजना के इनक्यूबेशन मैनेजर शिता,तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं मौजूद रहीं।