स्वास्थ्य विभाग पौड़ी की ओर से खिर्सू में डायरिया व स्तनपान पर जागरूकता गोष्ठी आयोजित
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।आज स्वास्थ्य विभाग पौड़ी की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खिर्सू में डायरिया नियंत्रण अभियान के साथ ही विश्व स्तनपान सप्ताह को लेकर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ.जिशान मलिक ने कहा कि,डायरिया दूषित पानी और दूषित भोजन करने से हो सकता है बरसात में डायरिया होने की संभावना बढ़ जाती है डायरिया होने पर बार-बार उल्टी आना,पानी जैसा लगातार मल होना,भूख में कमी,अधिक प्यास लगना,तेज बुखार आदि लक्षण हो सकते हैं,ऐसी स्थिति में दस्त के बाद बच्चे को ओ.आर.एस.का घोल अवश्य पिलायें,जिंक की गोली 1 चम्मच साफ पीने के पानी या मां के दूध के साथ 2 से 6 माह तक के बच्चों को आधी गोली घोलकर और 7 माह से 5 वर्ष तक बच्चों को जिंक की पूरी गोली दो सप्ताह तक दें,बच्चे के मल का तुरन्त निपटान करें,खाना पकाने और खिलाने से पहले हाथ साबुन से अच्छी तरह से धोंये।दस्त के दौरान भी आयु के अनुसार स्तनपान एवं उपरी आहार जारी रखना चाहिए,एवं 6 माह तक बच्चे को केवल मां का दूध ही पिलायें। अधिक दिनों तक दस्त की स्थिति में बच्चे को चिकित्सक को अवश्य दिखाएं।इस दौरान ए.एन.एम.हरीबोधिनी चौहान नाज़नीन काउंसलर सपना,डॉ.अतुल उनियाल,डॉ.स्वाति तड़ियाल, प्रदीप रावत,ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक मनीष रावत,अरुण शाह,सुनील खंडूरी व राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य विभाग पौड़ी की ओर से खिर्सू में डायरिया व स्तनपान पर जागरूकता गोष्ठी आयोजित
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।आज स्वास्थ्य विभाग पौड़ी की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खिर्सू में डायरिया नियंत्रण अभियान के साथ ही विश्व स्तनपान सप्ताह को लेकर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ.जिशान मलिक ने कहा कि,डायरिया दूषित पानी और दूषित भोजन करने से हो सकता है बरसात में डायरिया होने की संभावना बढ़ जाती है डायरिया होने पर बार-बार उल्टी आना,पानी जैसा लगातार मल होना,भूख में कमी,अधिक प्यास लगना,तेज बुखार आदि लक्षण हो सकते हैं,ऐसी स्थिति में दस्त के बाद बच्चे को ओ.आर.एस.का घोल अवश्य पिलायें,जिंक की गोली 1 चम्मच साफ पीने के पानी या मां के दूध के साथ 2 से 6 माह तक के बच्चों को आधी गोली घोलकर और 7 माह से 5 वर्ष तक बच्चों को जिंक की पूरी गोली दो सप्ताह तक दें,बच्चे के मल का तुरन्त निपटान करें,खाना पकाने और खिलाने से पहले हाथ साबुन से अच्छी तरह से धोंये।दस्त के दौरान भी आयु के अनुसार स्तनपान एवं उपरी आहार जारी रखना चाहिए,एवं 6 माह तक बच्चे को केवल मां का दूध ही पिलायें। अधिक दिनों तक दस्त की स्थिति में बच्चे को चिकित्सक को अवश्य दिखाएं।इस दौरान ए.एन.एम.हरीबोधिनी चौहान नाज़नीन काउंसलर सपना,डॉ.अतुल उनियाल,डॉ.स्वाति तड़ियाल, प्रदीप रावत,ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक मनीष रावत,अरुण शाह,सुनील खंडूरी व राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र छात्राएं मौजूद रहे।