ग्राउंड जीरो पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन मक्कुमठ पहुंचकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं किया त्वरित निस्तारण
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत आज विकासखंड ऊखीमठ के ग्राम मक्कुमठ स्थित राजकीय राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज मक्कुमठ में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने की।ग्रामीणों ने पारंपरिक गीत गाकर और पुष्पगुच्छ भेंटकर जिलाधिकारी का स्वागत किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागीय अधिकारी भी शामिल हुए।विभिन्न विभागों के स्टॉलों का किया निरीक्षण शिविर के दौरान जिलाधिकारी ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग,पशुपालन,डेयरी,राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,मत्स्य विभाग,चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का आयुष्मान आरोग्य शिविर,समाज कल्याण,कृषि,जिला उद्योग केंद्र,उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया।उन्होंने विभागीय अधिकारियों से प्रदर्शित सामग्री एवं योजनाओं की जानकारी ली और निर्देशित किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।ग्रामीणों की समस्याओं को सुना,समाधान के दिए निर्देश जिलाधिकारी तथा उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्थानीय ग्रामीणों की जन समस्याओं एवं शिकायत को सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों उक्त समस्याओं के निराकरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।उथिंड निवासी मत्स्य पालक सुनील सिंह रावत ने उनके मत्स्य तालाब को वृहद स्तर पर विकसित करने की मांग की जिससे वे उन्हें लोगों को भी रोजगार से जोड़ सकें। सिलगोट की सुनीता देवी ने नवनिर्मित मार्ग डुंगर सेमला में एक किमी अतिरिक्त मोटर मार्ग गांव तक बनाने तक मांग की। पेलिंग गांव की रामदेई देवी ने राजस्व अभिलेखों में नाम गलत दर्ज होने संबंधी शिकायत दर्ज की। पाव जगपुड़ा के वन पंचायत द्वारा वन क्षेत्र में अतिक्रमण किए जाने की समस्या से अवगत कराया।इसके साथ ही जनता दरबार में उपस्थित अन्य ग्रामीणों द्वारा सड़क मार्गों पर गड्ढे होना,प्राकृतिक आपदा के तहत स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करना,पेयजल आपूर्ति तथा हर घर जल योजना के अंतर्गत कुछ परिवारों को लाभ न मिलना,मानव वन्य जीव संघर्ष में घायल होने पर मुआवजा,अतिवृष्टि के कारण पशुहानि होना, मत्स्य पालन हेतु तालाब निर्माण करवाने,किसान सम्मन निधि के अंतर्गत पेंशन,गौशाला निर्माण,स्वरोजगार हेतु होमस्टे,शिक्षा,स्वास्थ,आवास आदि सहित कुल 75 समस्याओं को रखा गया। जिनमें से 27 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।जिलाधिकारी द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शिविर के दौरान जितनी भी जन समस्याएं आई है उनका त्वरित गति से निराकरण किया जाए तथा संबंधित व्यक्ति को भी कृत कार्रवाई से अवगत कराया जाए।जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण पर जोर अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के शिविरों का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों की जनता तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का शीघ्र निस्तारण किया जाए।जिलाधिकारी ने जनता को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन जनपद के सर्वांगीण विकास हेतु प्रतिबद्ध है और हर संभव सहायता के लिए सदैव तत्पर है।जिलाधिकारी ने नशे के विरुद्ध सभी लोगों को दिलाई शपथ जिलाधिकारी द्वारा शिविर में उपस्थित सभी लोगों तथा अधिकारियों को नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर उन्होंने सभी से नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने कहा कि नशा व्यक्ति,परिवार एवं समाज के लिए घातक है,अतः हमें स्वयं नशे से दूर रहकर दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों से बचने के लिए जागरूक करना चाहिए। शपथ ग्रहण के दौरान सभी ने नशा न करने एवं नशे के विरोध में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।तत्पश्चात जिलाधिकारी ने मक्कू ग्राम में स्थापित होमस्टे एवं पॉलीहाउस का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।इस दौरान उन्होंने स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार किए गए पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया तथा उनके प्रयासों की सराहना की।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत,अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा,जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चैबे,प्रभारी शिकायत प्रकोष्ठ विनोद भास्कर,जिला पूर्ति अधिकारी के.एस.कोहली,खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का,मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट,जिला समाज कल्याण अधिकारी,अधिशासी अभियंता विद्युत मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण,महिलाएं और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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ग्राउंड जीरो पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन मक्कुमठ पहुंचकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं किया त्वरित निस्तारण
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत आज विकासखंड ऊखीमठ के ग्राम मक्कुमठ स्थित राजकीय राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज मक्कुमठ में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने की।ग्रामीणों ने पारंपरिक गीत गाकर और पुष्पगुच्छ भेंटकर जिलाधिकारी का स्वागत किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागीय अधिकारी भी शामिल हुए।विभिन्न विभागों के स्टॉलों का किया निरीक्षण शिविर के दौरान जिलाधिकारी ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग,पशुपालन,डेयरी,राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,मत्स्य विभाग,चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का आयुष्मान आरोग्य शिविर,समाज कल्याण,कृषि,जिला उद्योग केंद्र,उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया।उन्होंने विभागीय अधिकारियों से प्रदर्शित सामग्री एवं योजनाओं की जानकारी ली और निर्देशित किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।ग्रामीणों की समस्याओं को सुना,समाधान के दिए निर्देश जिलाधिकारी तथा उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्थानीय ग्रामीणों की जन समस्याओं एवं शिकायत को सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों उक्त समस्याओं के निराकरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।उथिंड निवासी मत्स्य पालक सुनील सिंह रावत ने उनके मत्स्य तालाब को वृहद स्तर पर विकसित करने की मांग की जिससे वे उन्हें लोगों को भी रोजगार से जोड़ सकें। सिलगोट की सुनीता देवी ने नवनिर्मित मार्ग डुंगर सेमला में एक किमी अतिरिक्त मोटर मार्ग गांव तक बनाने तक मांग की। पेलिंग गांव की रामदेई देवी ने राजस्व अभिलेखों में नाम गलत दर्ज होने संबंधी शिकायत दर्ज की। पाव जगपुड़ा के वन पंचायत द्वारा वन क्षेत्र में अतिक्रमण किए जाने की समस्या से अवगत कराया।इसके साथ ही जनता दरबार में उपस्थित अन्य ग्रामीणों द्वारा सड़क मार्गों पर गड्ढे होना,प्राकृतिक आपदा के तहत स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करना,पेयजल आपूर्ति तथा हर घर जल योजना के अंतर्गत कुछ परिवारों को लाभ न मिलना,मानव वन्य जीव संघर्ष में घायल होने पर मुआवजा,अतिवृष्टि के कारण पशुहानि होना, मत्स्य पालन हेतु तालाब निर्माण करवाने,किसान सम्मन निधि के अंतर्गत पेंशन,गौशाला निर्माण,स्वरोजगार हेतु होमस्टे,शिक्षा,स्वास्थ,आवास आदि सहित कुल 75 समस्याओं को रखा गया। जिनमें से 27 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।जिलाधिकारी द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शिविर के दौरान जितनी भी जन समस्याएं आई है उनका त्वरित गति से निराकरण किया जाए तथा संबंधित व्यक्ति को भी कृत कार्रवाई से अवगत कराया जाए।जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण पर जोर अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के शिविरों का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों की जनता तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का शीघ्र निस्तारण किया जाए।जिलाधिकारी ने जनता को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन जनपद के सर्वांगीण विकास हेतु प्रतिबद्ध है और हर संभव सहायता के लिए सदैव तत्पर है।जिलाधिकारी ने नशे के विरुद्ध सभी लोगों को दिलाई शपथ जिलाधिकारी द्वारा शिविर में उपस्थित सभी लोगों तथा अधिकारियों को नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर उन्होंने सभी से नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने कहा कि नशा व्यक्ति,परिवार एवं समाज के लिए घातक है,अतः हमें स्वयं नशे से दूर रहकर दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों से बचने के लिए जागरूक करना चाहिए। शपथ ग्रहण के दौरान सभी ने नशा न करने एवं नशे के विरोध में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।तत्पश्चात जिलाधिकारी ने मक्कू ग्राम में स्थापित होमस्टे एवं पॉलीहाउस का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।इस दौरान उन्होंने स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार किए गए पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया तथा उनके प्रयासों की सराहना की।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत,अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा,जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चैबे,प्रभारी शिकायत प्रकोष्ठ विनोद भास्कर,जिला पूर्ति अधिकारी के.एस.कोहली,खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का,मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट,जिला समाज कल्याण अधिकारी,अधिशासी अभियंता विद्युत मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण,महिलाएं और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।