आपदा की घड़ी में संघ ने बांटी राहत,सरकार ने बढ़ाया सहयोग का हाथ,कांग्रेस के हाथ से बंटे आलू वितरण पर उठे सवाल
प्रदीप कुमार श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा ने एक बार फिर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तरकाशी,चमोली और पौड़ी जिले के राठ क्षेत्र में जहां लोग प्राकृतिक आपदा की मार से जूझ रहे हैं,वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पीड़ित परिवारों तक राहत पहुंचाने की सराहनीय पहल की है। संघ के कार्यकर्ताओं ने प्रभावित गांवों में राहत किट वितरित कर पीड़ितों को राहत पहुंचाई। इसी क्रम में राज्य सरकार भी आपदा प्रभावितों के साथ खड़ी दिख रही है। शासन की ओर से आपदा पीड़ितों को राहत चेक,आवश्यक राशन,गैस सिलेंडर और आवास की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है,ताकि परिवार जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें। इन सबके बीच श्रीनगर में कांग्रेस द्वारा आपदा प्रभावितों की मदद के बजाय आलू वितरण का कार्यक्रम आयोजित करना चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा पौड़ी के जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत का कहना है कि इस आपदा की घड़ी में राजनीति से ऊपर उठकर पीड़ित परिवारों की सहायता करना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।सवाल उठ रहे हैं कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में जाकर प्रभावित परिवारों का दुख-दर्द बांटना चाहिए था,न कि शहर में आलू बांटकर दिखावा करना। जरूरतमंद तक समय पर सहयोग पहुंचाना। संघ और सरकार ने जहां जमीनी स्तर पर राहत कार्यों में सक्रियता दिखाई है,वहीं विपक्ष का आलू वितरण कार्यक्रम आमजन की समझ से परे है। जनता अब यही उम्मीद कर रही है कि सभी राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन आपदा पीड़ितों की पीड़ा को समझें और राहत कार्यों में वास्तविक सहयोग करें,ताकि पहाड़ की जिंदगियां फिर से सामान्य पटरी पर लौट सकें।
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आपदा की घड़ी में संघ ने बांटी राहत,सरकार ने बढ़ाया सहयोग का हाथ,कांग्रेस के हाथ से बंटे आलू वितरण पर उठे सवाल
प्रदीप कुमार श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा ने एक बार फिर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तरकाशी,चमोली और पौड़ी जिले के राठ क्षेत्र में जहां लोग प्राकृतिक आपदा की मार से जूझ रहे हैं,वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पीड़ित परिवारों तक राहत पहुंचाने की सराहनीय पहल की है। संघ के कार्यकर्ताओं ने प्रभावित गांवों में राहत किट वितरित कर पीड़ितों को राहत पहुंचाई। इसी क्रम में राज्य सरकार भी आपदा प्रभावितों के साथ खड़ी दिख रही है। शासन की ओर से आपदा पीड़ितों को राहत चेक,आवश्यक राशन,गैस सिलेंडर और आवास की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है,ताकि परिवार जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें। इन सबके बीच श्रीनगर में कांग्रेस द्वारा आपदा प्रभावितों की मदद के बजाय आलू वितरण का कार्यक्रम आयोजित करना चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा पौड़ी के जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत का कहना है कि इस आपदा की घड़ी में राजनीति से ऊपर उठकर पीड़ित परिवारों की सहायता करना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।सवाल उठ रहे हैं कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में जाकर प्रभावित परिवारों का दुख-दर्द बांटना चाहिए था,न कि शहर में आलू बांटकर दिखावा करना। जरूरतमंद तक समय पर सहयोग पहुंचाना। संघ और सरकार ने जहां जमीनी स्तर पर राहत कार्यों में सक्रियता दिखाई है,वहीं विपक्ष का आलू वितरण कार्यक्रम आमजन की समझ से परे है। जनता अब यही उम्मीद कर रही है कि सभी राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन आपदा पीड़ितों की पीड़ा को समझें और राहत कार्यों में वास्तविक सहयोग करें,ताकि पहाड़ की जिंदगियां फिर से सामान्य पटरी पर लौट सकें।