निदेशक पशुपालन ने किया रोग अनुसंधान प्रयोगशाला श्रीनगर का दौरा
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।निदेशक पशुपालन विभाग उत्तराखंड,डॉ.नीरज सिंघल ने रोग अनुसंधान प्रयोगशाला श्रीनगर का भ्रमण कर वहां चल रही पशुरोग जांच प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से गैलेण्डर्स और इक्वाइन इन्फ्लुएंजा की जांचों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की।डॉ.सिंघल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि अवशेष अश्ववंशीय पशुओं के सैंपल की जांच शीघ्रता से पूर्ण की जाए,जिससे पशुपालकों को रोग निदान की समयबद्ध व सटीक सेवा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने प्रयोगशाला की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह पशु स्वास्थ्य और पशुपालन विकास के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।
भ्रमण के दौरान उनके साथ अपर निदेशक पशुपालन गढ़वाल मंडल डॉ.भूपेन्द्र सिंह जंगपांगी,राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र के अश्व स्वास्थ्य विभागाध्यक्ष डॉ.नितिन बिरमानी, राष्ट्रीय पशु चिकित्सा प्रकार संवर्धन केंद्र के विभागाध्यक्ष डॉ.आर.के.वैध,वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी मुकेश चंद,संयुक्त निदेशक रोग निदान प्रयोगशाला डॉ.ए.के.रेड्डे,पशु चिकित्साधिकारी डॉ.ऋचा पचौरी,डॉ.आलोक खंडूरी,डॉ.अमनदीप अरोड़ा व डॉ.एकता बिष्ट उपस्थित रहे।
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निदेशक पशुपालन ने किया रोग अनुसंधान प्रयोगशाला श्रीनगर का दौरा
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।निदेशक पशुपालन विभाग उत्तराखंड,डॉ.नीरज सिंघल ने रोग अनुसंधान प्रयोगशाला श्रीनगर का भ्रमण कर वहां चल रही पशुरोग जांच प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से गैलेण्डर्स और इक्वाइन इन्फ्लुएंजा की जांचों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की।डॉ.सिंघल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि अवशेष अश्ववंशीय पशुओं के सैंपल की जांच शीघ्रता से पूर्ण की जाए,जिससे पशुपालकों को रोग निदान की समयबद्ध व सटीक सेवा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने प्रयोगशाला की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह पशु स्वास्थ्य और पशुपालन विकास के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।
भ्रमण के दौरान उनके साथ अपर निदेशक पशुपालन गढ़वाल मंडल डॉ.भूपेन्द्र सिंह जंगपांगी,राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र के अश्व स्वास्थ्य विभागाध्यक्ष डॉ.नितिन बिरमानी, राष्ट्रीय पशु चिकित्सा प्रकार संवर्धन केंद्र के विभागाध्यक्ष डॉ.आर.के.वैध,वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी मुकेश चंद,संयुक्त निदेशक रोग निदान प्रयोगशाला डॉ.ए.के.रेड्डे,पशु चिकित्साधिकारी डॉ.ऋचा पचौरी,डॉ.आलोक खंडूरी,डॉ.अमनदीप अरोड़ा व डॉ.एकता बिष्ट उपस्थित रहे।