महिला समूहों ने दीपावली के अवसर पर दिखाई अपनी प्रतिभा कमाए लगभग 20 लाख रुपए
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल पर दीपावली पर्व के अवसर पर जिला प्रशासन के सहयोग से दीपावली के अवसर पर महिला स्वयं सहायता समूहों ने आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की मिसाल पेश की। समूहों द्वारा स्टॉल लगाकर दीपावली हेतु आवश्यक विभिन्न उत्पादों-जैसे हस्तनिर्मित दीप,सजावटी सामग्री,घरेलू उत्पाद,खाद्य सामग्री,वस्त्र और हस्तशिल्प वस्तुओं की लोगों ने खूब सराहना की।इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से समूहों को प्रोत्साहन एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। एक सप्ताह की अवधि के दौरान महिला समूहों द्वारा कुल 1946271 रुपए का व्यापार किया गया,जो उनके कठिन परिश्रम और उत्कृष्ट उत्पाद गुणवत्ता का परिणाम है।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि “महिला स्वयं सहायता समूह अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनते जा रहे हैं।दीपावली मेला जैसे आयोजनों से उन्हें अपने उत्पादों के बेचने,प्रदर्शन करने और पहचान का उत्कृष्ट अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा भी स्थानीय उत्पादों को सराहा गया है,जिसका परिणाम है कि समूहों द्वारा एक सप्ताह के भीतर बहुत अच्छी सेल की गई है।जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य में भी समूहों को अवसर प्रदान करते हुए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक महिला समूह आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार एवं समाज की आर्थिक स्थिति को सशक्त बना सकें।समूहों की महिलाओं द्वारा जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया गया।
Spread the love
महिला समूहों ने दीपावली के अवसर पर दिखाई अपनी प्रतिभा कमाए लगभग 20 लाख रुपए
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल पर दीपावली पर्व के अवसर पर जिला प्रशासन के सहयोग से दीपावली के अवसर पर महिला स्वयं सहायता समूहों ने आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की मिसाल पेश की। समूहों द्वारा स्टॉल लगाकर दीपावली हेतु आवश्यक विभिन्न उत्पादों-जैसे हस्तनिर्मित दीप,सजावटी सामग्री,घरेलू उत्पाद,खाद्य सामग्री,वस्त्र और हस्तशिल्प वस्तुओं की लोगों ने खूब सराहना की।इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से समूहों को प्रोत्साहन एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। एक सप्ताह की अवधि के दौरान महिला समूहों द्वारा कुल 1946271 रुपए का व्यापार किया गया,जो उनके कठिन परिश्रम और उत्कृष्ट उत्पाद गुणवत्ता का परिणाम है।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि “महिला स्वयं सहायता समूह अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनते जा रहे हैं।दीपावली मेला जैसे आयोजनों से उन्हें अपने उत्पादों के बेचने,प्रदर्शन करने और पहचान का उत्कृष्ट अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा भी स्थानीय उत्पादों को सराहा गया है,जिसका परिणाम है कि समूहों द्वारा एक सप्ताह के भीतर बहुत अच्छी सेल की गई है।जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य में भी समूहों को अवसर प्रदान करते हुए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक महिला समूह आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार एवं समाज की आर्थिक स्थिति को सशक्त बना सकें।समूहों की महिलाओं द्वारा जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया गया।