वन्दे मातरम्” के 150 वर्ष चमोली पुलिस ने एकसुर में गाया राष्ट्रगीत
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।भारत के साहित्यिक एवं राष्ट्रीय पुनर्जागरण के प्रमुख स्तंभ स्व.बंकिम चन्द्र चटर्जी द्वारा रचित राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के वर्ष 2025 में 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज जनपद चमोली में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।पुलिस कार्यालय गोपेश्वर में पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार (IPS) की गरिमामयी उपस्थिति में अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों द्वारा राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया गया।इस अवसर पर एसपी चमोली ने कहा कि वन्दे मातरम् केवल एक गीत नहीं,बल्कि यह राष्ट्रभक्ति,त्याग,समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का शाश्वत मंत्र है।राष्ट्रगीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों में जो चेतना और संकल्प जगाया,वह आज भी हमें मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करता है।इसी क्रम में पुलिस लाइन गोपेश्वर में पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट तथा विधानसभा परिसर भराड़ीसैंण में पुलिस उपाधीक्षक त्रिवेन्द्र सिंह राणा की उपस्थिति में भी एक साथ राष्ट्रगीत का वन्दन किया गया। जनपद के सभी थानों,चौकियों एवं इकाइयों में भीसामूहिक रूप से वन्दे मातरम् का गायन किया गया।
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वन्दे मातरम्” के 150 वर्ष चमोली पुलिस ने एकसुर में गाया राष्ट्रगीत
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।भारत के साहित्यिक एवं राष्ट्रीय पुनर्जागरण के प्रमुख स्तंभ स्व.बंकिम चन्द्र चटर्जी द्वारा रचित राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के वर्ष 2025 में 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज जनपद चमोली में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।पुलिस कार्यालय गोपेश्वर में पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार (IPS) की गरिमामयी उपस्थिति में अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों द्वारा राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया गया।इस अवसर पर एसपी चमोली ने कहा कि वन्दे मातरम् केवल एक गीत नहीं,बल्कि यह राष्ट्रभक्ति,त्याग,समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का शाश्वत मंत्र है।राष्ट्रगीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों में जो चेतना और संकल्प जगाया,वह आज भी हमें मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करता है।इसी क्रम में पुलिस लाइन गोपेश्वर में पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट तथा विधानसभा परिसर भराड़ीसैंण में पुलिस उपाधीक्षक त्रिवेन्द्र सिंह राणा की उपस्थिति में भी एक साथ राष्ट्रगीत का वन्दन किया गया। जनपद के सभी थानों,चौकियों एवं इकाइयों में भीसामूहिक रूप से वन्दे मातरम् का गायन किया गया।