बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले का भव्य समापन लोक संस्कृति संगीत और सम्मान का हुआ संगम
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रद्धा,उत्साह और लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले का शानदार समापन सोमवार को हुआ। पूरे नगर में उल्लास और उमंग का माहौल रहा। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक डॉ.धन सिंह रावत ने नगर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों,समाजसेवियों और चिकित्सकों को सम्मानित किया। डॉ.रावत ने कहा कि बैकुण्ठ मेला श्रीनगर की आस्था,संस्कृति और लोक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं। उन्होंने आयोजन समिति,प्रशासन और नगरवासियों को मेले के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। नगर निगम श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी ने कहा कि बैकुण्ठ मेला अब नगर की पहचान बन चुका है। उन्होंने बताया कि निगम ने मेले की स्वच्छता,प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए थे,ताकि श्रद्धालुओं व पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों और युवाओं की प्रतिभा को भी मंच प्रदान करता है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे प्रसिद्ध पांडवाज बैंड और क्षेत्रीय गायकों ने अपनी जोशीली प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड के कलाकार ईशान डोभाल,कुनाल डोभाल,सलिल डोभाल के साथ-साथ स्वर गायक दीपक नैथानी,अनिरुद्ध चंदोला और गायिका शिवानी भागवत ने समलौण,घुघूती बासुती,फुलारी,नंदा तेरो डोला,गणपति देवा,रंगीलो फागुन और ‘केदारनाथ जैसे लोकप्रिय गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। मैदान देर तक तालियों और नृत्य की गूंज से झूमता रहा। इस अवसर पर लैंसडाउन विधायक दलीप रावत,जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत,नगर आयुक्त नूपुर वर्मा,पूर्व पालिका अध्यक्ष मोहन लाल जैन,सम्मानित पार्षदगण तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले का भव्य समापन लोक संस्कृति संगीत और सम्मान का हुआ संगम
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रद्धा,उत्साह और लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले का शानदार समापन सोमवार को हुआ। पूरे नगर में उल्लास और उमंग का माहौल रहा। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक डॉ.धन सिंह रावत ने नगर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों,समाजसेवियों और चिकित्सकों को सम्मानित किया। डॉ.रावत ने कहा कि बैकुण्ठ मेला श्रीनगर की आस्था,संस्कृति और लोक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं। उन्होंने आयोजन समिति,प्रशासन और नगरवासियों को मेले के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। नगर निगम श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी ने कहा कि बैकुण्ठ मेला अब नगर की पहचान बन चुका है। उन्होंने बताया कि निगम ने मेले की स्वच्छता,प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए थे,ताकि श्रद्धालुओं व पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों और युवाओं की प्रतिभा को भी मंच प्रदान करता है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे प्रसिद्ध पांडवाज बैंड और क्षेत्रीय गायकों ने अपनी जोशीली प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड के कलाकार ईशान डोभाल,कुनाल डोभाल,सलिल डोभाल के साथ-साथ स्वर गायक दीपक नैथानी,अनिरुद्ध चंदोला और गायिका शिवानी भागवत ने समलौण,घुघूती बासुती,फुलारी,नंदा तेरो डोला,गणपति देवा,रंगीलो फागुन और ‘केदारनाथ जैसे लोकप्रिय गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। मैदान देर तक तालियों और नृत्य की गूंज से झूमता रहा। इस अवसर पर लैंसडाउन विधायक दलीप रावत,जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत,नगर आयुक्त नूपुर वर्मा,पूर्व पालिका अध्यक्ष मोहन लाल जैन,सम्मानित पार्षदगण तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।