चमोली पुलिस ने नंदा देवी राजजात यात्रा पर जागरूकता सत्र आयोजित कर ऐतिहासिक सांस्कृतिक महत्व और सुरक्षा पहलुओं पर की चर्चा
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।आज पुलिस कार्यालय में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसका उद्देश्य आगामी 2026 में आयोजित होने वाली श्री नंदा देवी राजजात यात्रा' की सांस्कृतिक,ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और चुनौतियों पर पुलिस कर्मियों को जागरूक करना था। चमोली पुलिस के विशेष आग्रह पर,इस कार्यक्रम में नंदा देवी राजजात समिति के अध्यक्ष और हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में मिलिट्री साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष,डॉ.राकेश सिंह कुंवर ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। यह सत्र ज़िलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार की संयुक्त उपस्थिति में आयोजित हुआ। शुरुआत में,एसपी चमोली व डीएम चमोली ने डॉ.राकेश कुंवर,डॉ.गजेंद्र सिंह कुंवर का पुष्पगुच्छ व राज्यपुष्प बह्रमकमल स्मृतिचिन्ह भेंट कर हार्दिक स्वागत किया। जिले के सभी थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी इस सत्र में शामिल हुए। डॉ.राकेश सिंह कुंवर ने अपने विस्तृत और प्रेरक व्याख्यान में पुलिसकर्मियों को इस 12 वर्षीय महा-आयोजन के इतिहास,धार्मिक महत्व और पौराणिक पृष्ठभूमि से अवगत कराया।उन्होंने प्रसिद्ध इतिहासकार एटकिंसन के हिमालयन गजेटियर का संदर्भ देते हुए यात्रा की ऐतिहासिक प्रामाणिकता पर ज़ोर दिया।उन्होंने बताया कि नौटी से होमकुण्ड तक लगभग 280 किलोमीटर की दुर्गम पैदल यात्रा करनी पड़ती है,जिसके दौरान घने जंगलों,पथरीले मार्गों और बर्फीले पहाड़ों को पार करना पड़ता है। डॉ.कुंवर ने बताया कि 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर राजजात यात्रा का आधिकारिक कार्यक्रम और कैलेंडर जारी कर दिया जाएगा। डॉ.राकेश सिंह कुंवर ने आगाह किया कि आगामी यात्रा में अप्रत्याशित भीड़ एक बड़ी चुनौती होगी,लेकिन उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस के जवान इस यात्रा को सकुशल और कुशलतापूर्वक संपन्न कराएंगे। डीएम गौरव कुमार ने डॉ.राकेश सिंह कुंवर जी के अमूल्य समय और ज्ञान के लिए ज़िला प्रशासन की ओर से आभार व्यक्त किया। राजजात यात्रा की सफलता प्रशासनिक तालमेल और पुलिस के पराक्रम पर निर्भर करती है। 2026 की यात्रा को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए,मैं पुलिस अधीक्षक और उनकी पूरी टीम को ज़िला प्रशासन की ओर से हर संभव संसाधन और पूर्ण सहयोग का आश्वासन देता हूँ। हमारे पुलिसकर्मी 'फ्रंटलाइन वारियर्स' हैं,और हम उनकी सुरक्षा और कुशलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे,ताकि वे बिना किसी चिंता के यात्रा की सुरक्षा और सुगमता सुनिश्चित कर सकें। एसपी चमोली ने कहा कि डॉ.राकेश सिंह कुंवर,इस महत्वपूर्ण जानकारी और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से हमारे जवानों को अवगत कराने के लिए हम आपके आभारी हैं। मैं अपने सभी थाना प्रभारियों और जवानों से कहना चाहता हूँ कि यह ड्यूटी सिर्फ़ लॉ एंड ऑर्डर की नहीं,बल्कि सेवा और सम्मान' की है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि देश-विदेश से आने वाला हर श्रद्धालु हमारे उत्तराखंड की अतिथि देवो भवः की भावना को महसूस करे।चमोली पुलिस सुनिश्चित करेगी कि हर श्रद्धालु इस दुर्गम मार्ग पर खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करे। हम इस चुनौती को गर्व के साथ स्वीकार करते हैं।उक्त कार्यशाला में पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट,पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा,मुख्य अग्निशमन अधिकारी गिरीश सिंह बिष्ट व अन्य मौजूद रहे।
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चमोली पुलिस ने नंदा देवी राजजात यात्रा पर जागरूकता सत्र आयोजित कर ऐतिहासिक सांस्कृतिक महत्व और सुरक्षा पहलुओं पर की चर्चा
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।आज पुलिस कार्यालय में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसका उद्देश्य आगामी 2026 में आयोजित होने वाली श्री नंदा देवी राजजात यात्रा’ की सांस्कृतिक,ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और चुनौतियों पर पुलिस कर्मियों को जागरूक करना था। चमोली पुलिस के विशेष आग्रह पर,इस कार्यक्रम में नंदा देवी राजजात समिति के अध्यक्ष और हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में मिलिट्री साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष,डॉ.राकेश सिंह कुंवर ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। यह सत्र ज़िलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार की संयुक्त उपस्थिति में आयोजित हुआ। शुरुआत में,एसपी चमोली व डीएम चमोली ने डॉ.राकेश कुंवर,डॉ.गजेंद्र सिंह कुंवर का पुष्पगुच्छ व राज्यपुष्प बह्रमकमल स्मृतिचिन्ह भेंट कर हार्दिक स्वागत किया। जिले के सभी थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी इस सत्र में शामिल हुए। डॉ.राकेश सिंह कुंवर ने अपने विस्तृत और प्रेरक व्याख्यान में पुलिसकर्मियों को इस 12 वर्षीय महा-आयोजन के इतिहास,धार्मिक महत्व और पौराणिक पृष्ठभूमि से अवगत कराया।उन्होंने प्रसिद्ध इतिहासकार एटकिंसन के हिमालयन गजेटियर का संदर्भ देते हुए यात्रा की ऐतिहासिक प्रामाणिकता पर ज़ोर दिया।उन्होंने बताया कि नौटी से होमकुण्ड तक लगभग 280 किलोमीटर की दुर्गम पैदल यात्रा करनी पड़ती है,जिसके दौरान घने जंगलों,पथरीले मार्गों और बर्फीले पहाड़ों को पार करना पड़ता है। डॉ.कुंवर ने बताया कि 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर राजजात यात्रा का आधिकारिक कार्यक्रम और कैलेंडर जारी कर दिया जाएगा। डॉ.राकेश सिंह कुंवर ने आगाह किया कि आगामी यात्रा में अप्रत्याशित भीड़ एक बड़ी चुनौती होगी,लेकिन उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस के जवान इस यात्रा को सकुशल और कुशलतापूर्वक संपन्न कराएंगे। डीएम गौरव कुमार ने डॉ.राकेश सिंह कुंवर जी के अमूल्य समय और ज्ञान के लिए ज़िला प्रशासन की ओर से आभार व्यक्त किया। राजजात यात्रा की सफलता प्रशासनिक तालमेल और पुलिस के पराक्रम पर निर्भर करती है। 2026 की यात्रा को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए,मैं पुलिस अधीक्षक और उनकी पूरी टीम को ज़िला प्रशासन की ओर से हर संभव संसाधन और पूर्ण सहयोग का आश्वासन देता हूँ। हमारे पुलिसकर्मी ‘फ्रंटलाइन वारियर्स’ हैं,और हम उनकी सुरक्षा और कुशलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे,ताकि वे बिना किसी चिंता के यात्रा की सुरक्षा और सुगमता सुनिश्चित कर सकें। एसपी चमोली ने कहा कि डॉ.राकेश सिंह कुंवर,इस महत्वपूर्ण जानकारी और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से हमारे जवानों को अवगत कराने के लिए हम आपके आभारी हैं। मैं अपने सभी थाना प्रभारियों और जवानों से कहना चाहता हूँ कि यह ड्यूटी सिर्फ़ लॉ एंड ऑर्डर की नहीं,बल्कि सेवा और सम्मान’ की है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि देश-विदेश से आने वाला हर श्रद्धालु हमारे उत्तराखंड की अतिथि देवो भवः की भावना को महसूस करे।चमोली पुलिस सुनिश्चित करेगी कि हर श्रद्धालु इस दुर्गम मार्ग पर खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करे। हम इस चुनौती को गर्व के साथ स्वीकार करते हैं।उक्त कार्यशाला में पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट,पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा,मुख्य अग्निशमन अधिकारी गिरीश सिंह बिष्ट व अन्य मौजूद रहे।