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“सुरक्षित दवाएं–सुरक्षित जीवन” अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने तिलवाड़ा व अगस्त्यमुनि में मेडिकल स्टोरों का किया निरीक्षण

प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल के निर्देशानुसार तथा अध्यक्ष,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में “Safe Drugs: Safe Life” (सुरक्षित दवाएं–सुरक्षित जीवन) अभियान के तहत बुधवार को तिलवाड़ा एवं अगस्त्यमुनि क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल का नेतृत्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह ने किया। औषधि निरीक्षक अमित आजाद द्वारा मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस,फार्मासिस्ट की उपस्थिति,कोल्ड स्टोरेज सुविधा,एक्सपायर दवाइयों के निस्तारण की प्रक्रिया तथा नारकोटिक ड्रग्स के संबंध में विस्तृत पूछताछ की गई

और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। टीम ने कारोबारियों को जागरूक करते हुए कहा कि दवा प्रतिष्ठानों में फार्मासिस्ट की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। एक्सपायर दवाओं को नियमित रूप से स्टॉक से अलग किया जाए,सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और किसी भी मनःप्रभावी औषधि का विक्रय बिना चिकित्सक की पर्ची के न किया जाए। साथ ही औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 के प्रावधानों के अनुसार प्रतिष्ठानों की साफ-सफाई,रखरखाव एवं भंडारण किया जाना आवश्यक बताया गया। निरीक्षण के दौरान जिन दुकानों में गंदगी पाई गई,उन पर टीम ने नाराजगी व्यक्त की और तत्काल सफाई के निर्देश दिए। औषधि निरीक्षक अमित आजाद ने कहा कि अधिनियम के उल्लंघन पर किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सही दवा सही समय पर सही मरीज तक पहुंचे,यह सुनिश्चित किया जाएगा। मनःप्रभावी या संवेदनशील दवाओं का विक्रय बिना चिकित्सक परामर्श के न किया जाए और एक्सपायर दवाओं का समय-समय पर निस्तारण किया जाए। इस दौरान पुलिस प्रशासन,खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,रुद्रप्रयाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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