एक जनपद–दो उत्पाद योजना के अंतर्गत हर्बल एवं आयुर्वेदिक उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु बैठक का आयोजन
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जिला उद्योग केंद्र,कोटद्वार में आज एक जनपद दो उत्पाद योजना के अंतर्गत हर्बल एवं आयुर्वेदिक उत्पादों तथा फल प्रसंस्करण पर केंद्रित बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र,कोटद्वार के महाप्रबंधक सोमनाथ गर्ग द्वारा की गयी। बैठक का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जनपद में उपलब्ध जड़ी-बूटियां,फल एवं अन्य कृषि/वन उत्पाद सीधे ही जनपद में स्थापित उद्योगों को उपलब्ध कराए जाएं,जिससे स्थानीय उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा मिल सके। महाप्रबंधक,जिला उद्योग केंद्र ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागीय डाटा का संकलन कर एकीकृत प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने कहा कि इन जानकारियों के आधार पर जनपद स्तर पर हर्बल व आयुर्वेदिक उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी,जिससे स्थानीय उद्योगों को मजबूती और किसानों को बेहतर लाभ मिल सके। प्रतिभागियों ने जनपद में उपलब्ध औषधीय पौधों,जड़ी-बूटियों,फलों,सब्जियों और अन्य उपज की वार्षिक उपलब्धता,उत्पादन क्षमता और बाजार संभावनाओं पर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। नाबार्ड द्वारा हर्बल उत्पादों से संबंधित बैकवर्ड–फॉरवर्ड लिंकेंज,वित्तीय सहायता योजनाओं और संभावित बाजार समर्थन की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। बैठक में यह सहमति बनी कि हर्बल एवं आयुर्वेदिक उत्पादों को जनपद के एक जनपद दो उत्पाद के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए किसानों,वन प्रहरियों,स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को उत्पादन,प्रसंस्करण,पैकेजिंग तथा विपणन के लिए एकीकृत सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि जनपद में हर्बल उद्योग को सुदृढ़ आधार मिल सके। बैठक में वन विभाग,उद्यान विभाग,नाबार्ड,एचआरडीआई गोपेश्वर,भेषज विभाग के अधिकारी,हर्बल एवं आयुर्वेदिक क्षेत्र से जुड़े उद्योग प्रतिनिधि तथा स्थानीय उद्यमी उपस्थित रहे।
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एक जनपद–दो उत्पाद योजना के अंतर्गत हर्बल एवं आयुर्वेदिक उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु बैठक का आयोजन
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जिला उद्योग केंद्र,कोटद्वार में आज एक जनपद दो उत्पाद योजना के अंतर्गत हर्बल एवं आयुर्वेदिक उत्पादों तथा फल प्रसंस्करण पर केंद्रित बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र,कोटद्वार के महाप्रबंधक सोमनाथ गर्ग द्वारा की गयी। बैठक का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जनपद में उपलब्ध जड़ी-बूटियां,फल एवं अन्य कृषि/वन उत्पाद सीधे ही जनपद में स्थापित उद्योगों को उपलब्ध कराए जाएं,जिससे स्थानीय उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा मिल सके। महाप्रबंधक,जिला उद्योग केंद्र ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागीय डाटा का संकलन कर एकीकृत प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने कहा कि इन जानकारियों के आधार पर जनपद स्तर पर हर्बल व आयुर्वेदिक उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी,जिससे स्थानीय उद्योगों को मजबूती और किसानों को बेहतर लाभ मिल सके। प्रतिभागियों ने जनपद में उपलब्ध औषधीय पौधों,जड़ी-बूटियों,फलों,सब्जियों और अन्य उपज की वार्षिक उपलब्धता,उत्पादन क्षमता और बाजार संभावनाओं पर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। नाबार्ड द्वारा हर्बल उत्पादों से संबंधित बैकवर्ड–फॉरवर्ड लिंकेंज,वित्तीय सहायता योजनाओं और संभावित बाजार समर्थन की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। बैठक में यह सहमति बनी कि हर्बल एवं आयुर्वेदिक उत्पादों को जनपद के एक जनपद दो उत्पाद के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए किसानों,वन प्रहरियों,स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को उत्पादन,प्रसंस्करण,पैकेजिंग तथा विपणन के लिए एकीकृत सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि जनपद में हर्बल उद्योग को सुदृढ़ आधार मिल सके। बैठक में वन विभाग,उद्यान विभाग,नाबार्ड,एचआरडीआई गोपेश्वर,भेषज विभाग के अधिकारी,हर्बल एवं आयुर्वेदिक क्षेत्र से जुड़े उद्योग प्रतिनिधि तथा स्थानीय उद्यमी उपस्थित रहे।