हरिद्वार में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम करने पर जोर नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद के विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार आकांक्षा कोण्डे की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन हुआ।जिसमे के एन तिवारी,परियोजना निदेशक ग्रामीण विकास,गोपाल सिंह भंडारी,मुख्य कृषि अधिकारी हरिद्वार,सोमांश गुप्ता कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी बहादराबाद,एवं विनोद कुमार जोशी क्षेत्रीय अधिकारी इफको हरिद्वार ने प्रतिभाग किया।बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रासायनिक ऊर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से हमारी मिट्टी का स्वस्थ दिन प्रतिदिन खराब होता जा रहा है साथ ही साथ भूमिगत जल एवं पर्यावरण लगातार दूषित होता जा रहा है,ऐसे में हमें भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए हमें रासायनिक ऊर्वरकों का प्रयोग कम करना होगा तथा वैकल्पिक उर्वरक (नैनो यूरिया,नैनो डीएपी) के प्रयोग को बढ़ाना होगा। जिससे हम टिकाऊ खेती की ओर बढ़ सकते हैं,किसानों के लागत में कमी आएगी,उत्पादन में बढ़ोतरी होगी जिसके परिणामस्वरूप उनके आय में भी वृद्धि होगी। ने परियोजना निदेशक ग्रामीण विकास एवं इफको क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देशित किया कि आपस में सामंजस्य बैठा कर महिला समूह के माध्यम से नैनो उर्वरकों की बिक्री प्रारंभ करने के विकल्प पर जोर दें।साथ ही उन्होंने कृषि विभाग से भी अपने विभाग के माध्यम से भी नैनो उर्वरकों के प्रचार प्रसार करने के लिए निर्देशित किया।
Spread the love
हरिद्वार में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम करने पर जोर नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद के विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार आकांक्षा कोण्डे की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन हुआ।जिसमे के एन तिवारी,परियोजना निदेशक ग्रामीण विकास,गोपाल सिंह भंडारी,मुख्य कृषि अधिकारी हरिद्वार,सोमांश गुप्ता कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी बहादराबाद,एवं विनोद कुमार जोशी क्षेत्रीय अधिकारी इफको हरिद्वार ने प्रतिभाग किया।बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रासायनिक ऊर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से हमारी मिट्टी का स्वस्थ दिन प्रतिदिन खराब होता जा रहा है साथ ही साथ भूमिगत जल एवं पर्यावरण लगातार दूषित होता जा रहा है,ऐसे में हमें भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए हमें रासायनिक ऊर्वरकों का प्रयोग कम करना होगा तथा वैकल्पिक उर्वरक (नैनो यूरिया,नैनो डीएपी) के प्रयोग को बढ़ाना होगा। जिससे हम टिकाऊ खेती की ओर बढ़ सकते हैं,किसानों के लागत में कमी आएगी,उत्पादन में बढ़ोतरी होगी जिसके परिणामस्वरूप उनके आय में भी वृद्धि होगी। ने परियोजना निदेशक ग्रामीण विकास एवं इफको क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देशित किया कि आपस में सामंजस्य बैठा कर महिला समूह के माध्यम से नैनो उर्वरकों की बिक्री प्रारंभ करने के विकल्प पर जोर दें।साथ ही उन्होंने कृषि विभाग से भी अपने विभाग के माध्यम से भी नैनो उर्वरकों के प्रचार प्रसार करने के लिए निर्देशित किया।