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थराली में नवजात शिशु से जुड़ी हृदय विदारक घटना पर चमोली पुलिस की संवेदनशील और मानवीय पहल आरोपी की तलाश जारी

प्रदीप कुमार
थराली-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।थराली में नवजात शिशु से जुड़ी हृदय विदारक घटना पर चमोली पुलिस की मानवीय पहल 72 घंटे तक मोर्चरी में सुरक्षित रखकर शिनाख्त के प्रयास,डॉक्टर्स के पैनल से वीडियोग्राफी सहित पोस्टमार्टम,हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार बाल-समाधि,डीएनए सैंपल सुरक्षित;अभियुक्तों की तलाश जारी थराली थाना क्षेत्र में अज्ञात नवजात शिशु से संबंधित संवेदनशील और हृदय विदारक घटना सामने आने के बाद चमोली पुलिस ने अत्यंत मानवीय संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही की। नवजात के सिर को 72 घंटे तक मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया तथा उसकी शिनाख्त के लिए हर संभव प्रयास किए गए। निर्धारित समय सीमा में पहचान न हो पाने पर पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने मुख्य चिकित्साधिकारी चमोली से विशेष अनुरोध कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया डॉक्टर्स के पैनल द्वारा करवाने का निर्णय लिया।उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग में तीन विशेषज्ञ डॉक्टर बाल रोग विशेषज्ञ,शल्य चिकित्सक और हड्डी रोग विशेषज्ञ की पैनल टीम द्वारा नवजात का पोस्टमार्टम किया गया। पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई,ताकि जांच में कोई कमी न रह सके। शिनाख्त न होने पर पुलिस ने नवजात को पूरे विधि-विधान और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार बाल-समाधि दी। साथ ही,भविष्य में आवश्यक जांच के लिए डीएनए सैंपल भी सुरक्षित रखे गए हैं। चमोली पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और दोषियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चमोली पुलिस की आज की प्रमुख कार्रवाई
1.ड्रोन टीम को घटनास्थल के आसपास 10–15 किलोमीटर क्षेत्र में लगाया गया तथा नवजात के शेष धड़/अवशेषों की तलाश की गई।
2.थराली,देवाल,लोहाजंग और वाण क्षेत्र में उन महिलाओं का भौतिक सत्यापन,जिनकी हाल ही में डिलीवरी हुई है और बच्चा उनके पास दिखाई नहीं दे रहा है। साथ ही नेपाली एवं बिहारी समुदाय में गर्भवती महिलाओं की अलग से जांच की गई।
3.आशा कार्यकर्ताओं की सहायता से उन मामलों की खोज जिनमें प्रसव गुप्त रूप से हुआ हो,या महिला अस्वस्थ है या अचानक घर से गायब है।
4.क्षेत्र के स्कूलों और कॉलेजों के प्रधानाचार्यों से वार्ता कर उन छात्राओं की सूची तैयार की गई जो लंबे समय से बीमारी का कारण बताकर विद्यालय नहीं आ रहीं।
5.देवाल चिकित्सालय में सभी आशा कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित कर निर्देश दिए गए कि वे घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करें कि किस महिला की डिलीवरी घर पर हुई है और कौन महिला वर्तमान में अस्वस्थ अवस्था में है।
6.घटनास्थल के आसपास से गुजरने वाले वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की सीसीटीवी फुटेज का वैज्ञानिक विश्लेषण जारी है।
7.उन महिलाओं का सत्यापन जिनकी हाल ही में डिलीवरी हुई है और यह जांच कि कहीं नवजात को अनौपचारिक रूप से गोद देने जैसी स्थिति तो नहीं है।
8.उन महिलाओं की भी जांच की जा रही है जो प्रसव के लिए अपने मायके आई हुई थीं।चमोली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी चाहे कोई भी हो,घटना की गंभीरता को देखते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और जांच पूरी वैज्ञानिकता के साथ आगे बढ़ाई जा रही है।

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