प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। आम जनता की मेहनत की कमाई और भरोसे से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ चमोली पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए एक सुनियोजित वाहन ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली ज्योतिर्मठ पुलिस ने सरकारी कार्यालय में वाहन लगाने का झांसा देकर ठगी करने वाले शातिर आरोपी को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से कई वाहनों की आरसी भी बरामद की गई हैं। दिनांक 24 नवंबर 2025 को रूपेश पंवार निवासी पांडुकेश्वर,थाना गोविन्दघाट ने कोतवाली ज्योतिर्मठ में तहरीर दी थी।तहरीर में बताया गया कि वह गोविन्दघाट क्षेत्र में शिवम टूर एंड ट्रैवल्स के नाम से वाहन बुकिंग का कार्य करता है। उसने बताया कि ऋषिकेश से संचालित बद्री-केदार टूर एंड ट्रैवल्स का संचालक पिछले कुछ समय से उसके संपर्क में था और उसने सरकारी कार्यालय में वाहन लगाने का भरोसा दिलाया।आरोपी ने टिहरी स्थित एडीएम कार्यालय में वाहन लगाने का झांसा देकर वादी के भाई के नाम पंजीकृत इनोवा क्रिस्टा वाहन संख्या यूके 07 डीडी 1414 को 42 हजार रुपये प्रतिमाह पर लगाने का आश्वासन दिया। इसके बाद आरोपी वाहन को ज्योतिर्मठ से ले गया,लेकिन न तो वाहन सरकारी कार्यालय में लगाया गया और न ही उसे वापस किया गया। एक वर्ष से अधिक समय तक आरोपी लगातार बहाने बनाकर वाहन स्वामी को भ्रमित करता रहा।तहरीर के आधार पर कोतवाली ज्योतिर्मठ में बीएनएस के अंतर्गत मामला पंजीकृत किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक ज्योतिर्मठ देवेन्द्र रावत के नेतृत्व में टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने मोबाइल सर्विलांस और पतारसी-सुरागरसी के माध्यम से आरोपी का पीछा किया। आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। पुलिस ने मथुरा और वृंदावन में भी तलाश की,लेकिन वह वहां से निकल चुका था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर टीम जयपुर पहुंची और घेराबंदी कर प्रवीन सिंह पुत्र भानु सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट अमसारी,थाना देवप्रयाग,जनपद टिहरी गढ़वाल उम्र 28 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह वाहन स्वामियों को सरकारी विभागों में वाहन लगाने का झांसा देकर उनके वाहन अपने कब्जे में ले लेता था। बाद में वह उन्हीं वाहनों को निजी बुकिंग में चलाकर लाभ कमाता था और पकड़े जाने के डर से वाहन कहीं भी छोड़कर फरार हो जाता था। बरामद आरसी से यह भी स्पष्ट हुआ कि वह कई अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार बना चुका है। आरोपी ने यह भी बताया कि इनोवा क्रिस्टा वाहन को वह स्वयं सवारी बुकिंग में चला रहा था और वाहन स्वामी को लगातार गुमराह कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक चमोली ने कहा कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो और देश के किसी भी कोने में छिपा हो,कानून से बच नहीं सकता। जनता के भरोसे के साथ धोखा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस टीम,वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनोद रावत हेड कांस्टेबल सतीश रावत
कांस्टेबल आशुतोष तिवारी,स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप
कांस्टेबल राजेन्द्र रावत,स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। आम जनता की मेहनत की कमाई और भरोसे से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ चमोली पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए एक सुनियोजित वाहन ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली ज्योतिर्मठ पुलिस ने सरकारी कार्यालय में वाहन लगाने का झांसा देकर ठगी करने वाले शातिर आरोपी को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से कई वाहनों की आरसी भी बरामद की गई हैं। दिनांक 24 नवंबर 2025 को रूपेश पंवार निवासी पांडुकेश्वर,थाना गोविन्दघाट ने कोतवाली ज्योतिर्मठ में तहरीर दी थी।तहरीर में बताया गया कि वह गोविन्दघाट क्षेत्र में शिवम टूर एंड ट्रैवल्स के नाम से वाहन बुकिंग का कार्य करता है। उसने बताया कि ऋषिकेश से संचालित बद्री-केदार टूर एंड ट्रैवल्स का संचालक पिछले कुछ समय से उसके संपर्क में था और उसने सरकारी कार्यालय में वाहन लगाने का भरोसा दिलाया।आरोपी ने टिहरी स्थित एडीएम कार्यालय में वाहन लगाने का झांसा देकर वादी के भाई के नाम पंजीकृत इनोवा क्रिस्टा वाहन संख्या यूके 07 डीडी 1414 को 42 हजार रुपये प्रतिमाह पर लगाने का आश्वासन दिया। इसके बाद आरोपी वाहन को ज्योतिर्मठ से ले गया,लेकिन न तो वाहन सरकारी कार्यालय में लगाया गया और न ही उसे वापस किया गया। एक वर्ष से अधिक समय तक आरोपी लगातार बहाने बनाकर वाहन स्वामी को भ्रमित करता रहा।तहरीर के आधार पर कोतवाली ज्योतिर्मठ में बीएनएस के अंतर्गत मामला पंजीकृत किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक ज्योतिर्मठ देवेन्द्र रावत के नेतृत्व में टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने मोबाइल सर्विलांस और पतारसी-सुरागरसी के माध्यम से आरोपी का पीछा किया। आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। पुलिस ने मथुरा और वृंदावन में भी तलाश की,लेकिन वह वहां से निकल चुका था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर टीम जयपुर पहुंची और घेराबंदी कर प्रवीन सिंह पुत्र भानु सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट अमसारी,थाना देवप्रयाग,जनपद टिहरी गढ़वाल उम्र 28 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह वाहन स्वामियों को सरकारी विभागों में वाहन लगाने का झांसा देकर उनके वाहन अपने कब्जे में ले लेता था। बाद में वह उन्हीं वाहनों को निजी बुकिंग में चलाकर लाभ कमाता था और पकड़े जाने के डर से वाहन कहीं भी छोड़कर फरार हो जाता था। बरामद आरसी से यह भी स्पष्ट हुआ कि वह कई अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार बना चुका है। आरोपी ने यह भी बताया कि इनोवा क्रिस्टा वाहन को वह स्वयं सवारी बुकिंग में चला रहा था और वाहन स्वामी को लगातार गुमराह कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक चमोली ने कहा कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो और देश के किसी भी कोने में छिपा हो,कानून से बच नहीं सकता। जनता के भरोसे के साथ धोखा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस टीम,वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनोद रावत हेड कांस्टेबल सतीश रावत
कांस्टेबल आशुतोष तिवारी,स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप
कांस्टेबल राजेन्द्र रावत,स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप