प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।उच्च शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन के दृष्टिगत राजकीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिये विभाग द्वारा देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ एमओयू साइन किया गया है।योजना के तहत राजकीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों से चयनित विज्ञान संवर्ग के 89 शिक्षकों के दल को सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने सम्बोधित किया। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राजकीय पीजी कॉलेज डोईवाला में आयोजित कार्यक्रम में आज डॉ.धन सिंह रावत ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस (आईआईएससी) बेंगलुरू में प्रशिक्षण हेतु चयनित विज्ञान शिक्षकों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन के लिये निरंतर प्रयासरत है। जिसके तहत देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ एमओयू साइन किये गये हैं ताकि शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके। डाॅ.रावत ने कहा कि पीढ़ियों को तैयार करने का दायित्व शिक्षकों के कंधों पर है,ताकि एक गौरवपूर्ण राष्ट्र का निर्माण हो सके। इस अवसर पर डॉ.रावत ने आईआईएससी बेंगलुरू में प्रशिक्षण हेतु चयनित विज्ञान वर्ग के विभिन्न विषयों के 89 शिक्षकों को कहा कि वह आईआईएससी में पढ़ने व शोध की संस्कृति सीखने पर फोकस करें। उन्होंने शिक्षकों को अपने-अपने महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण विकसित करने,छात्रों में शोध प्रवृत्ति को बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि देशभर के उत्कृष्ट संस्थानों में राज्य के 10 फीसदी छात्र-छात्राएं प्रवेश ले सके,इस मुहिम पर काम करना होगा।डॉ.रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा के अंतर्गत विज्ञान शिक्षकों को उन्न्त वैज्ञानिक प्रशिक्षण व विज्ञान की बारीकियां सिखाने के लिये आईआईएससी बेंगलुरू के चल्लाकेर परिसर में आगामी 28 दिसम्बर 2025 से 12 जनवरी 2026 तक प्रशिक्षण दिया जायेगा। द्वतीय चरण के प्रशिक्षण हेतु शिक्षकों के एच इंडेक्स,शोध एवं पुस्तकों के प्रकाशन के मानक के आधार पर विषयवार कुल 89 विज्ञान शिक्षकों का चयन किया गया है।जिसमें भौतिक विज्ञान के 22 शिक्षक,रसायन विज्ञान 23,वनस्पति विज्ञान 14,जीव विज्ञान 13 तथा गणित विषय के 17 शिक्षक शामिल हैं। डॉ.रावत ने कहा कि सरकार गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए संकल्पबद्ध है।आईआईएससी,बैंगलोर के साथ प्रशिक्षण के साथ-साथ शोध के क्षेत्र में भी सहयोग प्राप्त किया जाएगा। इसके अलावा आईआईटी कानपुर,आईआईटी बॉम्बे एवं आईआईएसईआर मोहाली जैसे संस्थानों में विज्ञान वर्ग के शिक्षकों का प्रशिक्षण के लिये एमओयू किया गया है।जबकि जे.एन.यू./ बी.एच.यू.जैसी संस्थाओं में शिक्षकों का प्रशिक्षण, आई.आई.एम.काशीपुर में लीडरशिप प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उच्च शिक्षा के इकोसिस्टम में गुणात्मक परिवर्तन की दिशा में सकारात्मक कार्य किये जा रहे है। डॉ.रावत ने कहा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण और एक्सपोजर के बाद प्रदेश के शिक्षण संस्थाओं में इसका सकारात्मक प्रभाव दिखायी देगा। इस अवसर पर उप सचिव उच्च शिक्षा हरीश सागर,संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रो.ए.एस.उनियाल,प्राचार्य पीजी कॉलेज डोईवाला प्रो.डी.पी.भट्ट,उपनिदेशक डॉ.ममता ड्यूंडी नैथानी,सहायक निदेशक प्रो.दीपक कुमार पाण्डेय,डॉ.शैलेंद्र सिंह,प्रो.राखी पंचोला,प्रो.त्रिभुवन,प्रो.अफरोज सहित प्रतिभागी शिक्षक उपस्थित थे।जबकि आईआईएससी के टैलेंट डेवलपमेंट सेंटर के निदेशक प्रो.सुब्बा रेड्डी ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।
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प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।उच्च शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन के दृष्टिगत राजकीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिये विभाग द्वारा देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ एमओयू साइन किया गया है।योजना के तहत राजकीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों से चयनित विज्ञान संवर्ग के 89 शिक्षकों के दल को सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने सम्बोधित किया। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राजकीय पीजी कॉलेज डोईवाला में आयोजित कार्यक्रम में आज डॉ.धन सिंह रावत ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस (आईआईएससी) बेंगलुरू में प्रशिक्षण हेतु चयनित विज्ञान शिक्षकों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन के लिये निरंतर प्रयासरत है। जिसके तहत देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ एमओयू साइन किये गये हैं ताकि शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके। डाॅ.रावत ने कहा कि पीढ़ियों को तैयार करने का दायित्व शिक्षकों के कंधों पर है,ताकि एक गौरवपूर्ण राष्ट्र का निर्माण हो सके। इस अवसर पर डॉ.रावत ने आईआईएससी बेंगलुरू में प्रशिक्षण हेतु चयनित विज्ञान वर्ग के विभिन्न विषयों के 89 शिक्षकों को कहा कि वह आईआईएससी में पढ़ने व शोध की संस्कृति सीखने पर फोकस करें। उन्होंने शिक्षकों को अपने-अपने महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण विकसित करने,छात्रों में शोध प्रवृत्ति को बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि देशभर के उत्कृष्ट संस्थानों में राज्य के 10 फीसदी छात्र-छात्राएं प्रवेश ले सके,इस मुहिम पर काम करना होगा।डॉ.रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा के अंतर्गत विज्ञान शिक्षकों को उन्न्त वैज्ञानिक प्रशिक्षण व विज्ञान की बारीकियां सिखाने के लिये आईआईएससी बेंगलुरू के चल्लाकेर परिसर में आगामी 28 दिसम्बर 2025 से 12 जनवरी 2026 तक प्रशिक्षण दिया जायेगा। द्वतीय चरण के प्रशिक्षण हेतु शिक्षकों के एच इंडेक्स,शोध एवं पुस्तकों के प्रकाशन के मानक के आधार पर विषयवार कुल 89 विज्ञान शिक्षकों का चयन किया गया है।जिसमें भौतिक विज्ञान के 22 शिक्षक,रसायन विज्ञान 23,वनस्पति विज्ञान 14,जीव विज्ञान 13 तथा गणित विषय के 17 शिक्षक शामिल हैं। डॉ.रावत ने कहा कि सरकार गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए संकल्पबद्ध है।आईआईएससी,बैंगलोर के साथ प्रशिक्षण के साथ-साथ शोध के क्षेत्र में भी सहयोग प्राप्त किया जाएगा। इसके अलावा आईआईटी कानपुर,आईआईटी बॉम्बे एवं आईआईएसईआर मोहाली जैसे संस्थानों में विज्ञान वर्ग के शिक्षकों का प्रशिक्षण के लिये एमओयू किया गया है।जबकि जे.एन.यू./ बी.एच.यू.जैसी संस्थाओं में शिक्षकों का प्रशिक्षण, आई.आई.एम.काशीपुर में लीडरशिप प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उच्च शिक्षा के इकोसिस्टम में गुणात्मक परिवर्तन की दिशा में सकारात्मक कार्य किये जा रहे है। डॉ.रावत ने कहा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण और एक्सपोजर के बाद प्रदेश के शिक्षण संस्थाओं में इसका सकारात्मक प्रभाव दिखायी देगा। इस अवसर पर उप सचिव उच्च शिक्षा हरीश सागर,संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रो.ए.एस.उनियाल,प्राचार्य पीजी कॉलेज डोईवाला प्रो.डी.पी.भट्ट,उपनिदेशक डॉ.ममता ड्यूंडी नैथानी,सहायक निदेशक प्रो.दीपक कुमार पाण्डेय,डॉ.शैलेंद्र सिंह,प्रो.राखी पंचोला,प्रो.त्रिभुवन,प्रो.अफरोज सहित प्रतिभागी शिक्षक उपस्थित थे।जबकि आईआईएससी के टैलेंट डेवलपमेंट सेंटर के निदेशक प्रो.सुब्बा रेड्डी ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।