प्रदीप कुमार
मंगलौर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। दिनांक 22 दिसंबर 2025 की रात्रि को कोतवाली मंगलौर पुलिस को गश्त के दौरान एक नाबालिग लड़की लावारिस अवस्था में घूमती हुई मिली।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत महिला कांस्टेबल को मौके पर बुलाया गया और बालिका को थाने लाकर सुरक्षित वातावरण में बैठाकर बातचीत की गई। पुलिस द्वारा लगातार समझाने और पूछताछ के बावजूद बालिका स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थी। वह कभी अलग-अलग पते बता रही थी और किसी भी मोबाइल नंबर की जानकारी उसके पास नहीं थी,जिससे परिजनों तक पहुंचना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया। काफी प्रयासों के बाद बालिका द्वारा केवल संभल और तलवार नाम बताए गए। इसके आधार पर गूगल और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाई गई,जिससे पता चला कि यह स्थान जिला संभल उत्तर प्रदेश के थाना असमोली क्षेत्र का ग्राम तलवार शाहबाजपुर है। इसके बाद परिजनों का संपर्क नंबर प्राप्त किया गया। जानकारी मिलने पर स्पष्ट हुआ कि नाबालिग लड़की परिजनों से नाराज होकर घर से निकल गई थी। थाने पर आने की सूचना मिलते ही परिजन तत्काल मंगलौर कोतवाली पहुंचे,जहां बालिका को सकुशल उनके सुपुर्द किया गया। अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर परिजनों ने हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त किया और पुलिस की मानवीय व संवेदनशील कार्यशैली की सराहना की।
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प्रदीप कुमार मंगलौर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। दिनांक 22 दिसंबर 2025 की रात्रि को कोतवाली मंगलौर पुलिस को गश्त के दौरान एक नाबालिग लड़की लावारिस अवस्था में घूमती हुई मिली।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत महिला कांस्टेबल को मौके पर बुलाया गया और बालिका को थाने लाकर सुरक्षित वातावरण में बैठाकर बातचीत की गई। पुलिस द्वारा लगातार समझाने और पूछताछ के बावजूद बालिका स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थी। वह कभी अलग-अलग पते बता रही थी और किसी भी मोबाइल नंबर की जानकारी उसके पास नहीं थी,जिससे परिजनों तक पहुंचना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया। काफी प्रयासों के बाद बालिका द्वारा केवल संभल और तलवार नाम बताए गए। इसके आधार पर गूगल और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाई गई,जिससे पता चला कि यह स्थान जिला संभल उत्तर प्रदेश के थाना असमोली क्षेत्र का ग्राम तलवार शाहबाजपुर है। इसके बाद परिजनों का संपर्क नंबर प्राप्त किया गया। जानकारी मिलने पर स्पष्ट हुआ कि नाबालिग लड़की परिजनों से नाराज होकर घर से निकल गई थी। थाने पर आने की सूचना मिलते ही परिजन तत्काल मंगलौर कोतवाली पहुंचे,जहां बालिका को सकुशल उनके सुपुर्द किया गया। अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर परिजनों ने हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त किया और पुलिस की मानवीय व संवेदनशील कार्यशैली की सराहना की।