प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।कोतवाली कर्णप्रयाग क्षेत्र के ग्राम तोप में 1 जनवरी से चल रही सात दिवसीय पारंपरिक पांडव लीला (गैंडा कौथिग) का श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हुआ। समापन अवसर पर पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और देव आशीर्वाद प्राप्त किया।पुलिस अधीक्षक के ग्राम तोप पहुँचने पर युवक मंगल दल,महिला मंगल दल तथा तोप, भटोली और कंडवाल के ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों,पुष्प मालाओं और बैज अलंकरण के साथ स्वागत किया। पांडव लीला के अंतिम दिन गैंडा वध का मंचन मुख्य आकर्षण रहा। स्थानीय कलाकारों द्वारा पौराणिक कथाओं पर आधारित नृत्य प्रस्तुति ने पांडवों के शौर्य और संघर्ष को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया,जिसे देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी चमोली ने आयोजन की सराहना की और ग्रामीणों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि व्यस्त पुलिस कार्यों के बीच जब संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है,तो नई ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने ग्रामीणों और आयोजकों द्वारा सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखने के प्रयासों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में पूर्व प्रमुख कर्णप्रयाग राजेन्द्र सिंह सगोई,ग्राम पंचायत अध्यक्ष जयवीर सिंह चौधरी,पांडव नृत्य समिति अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह बिष्ट,युवक मंगल दल तोप के अध्यक्ष पंकज सिंह बिष्ट,भूतपूर्व पुलिसकर्मी सुरेन्द्र सिंह पँवार,प्रभारी निरीक्षक कर्णप्रयाग राकेश भट्ट,चौकी प्रभारी नौटी भूपेन्द्र गोदियाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। पांडव लीला के समापन के बाद एसपी चमोली ने नंदा राजजात यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव सेम गाँव का स्थलीय निरीक्षण किया।हिमालयी महाकुंभ नंदा राजजात यात्रा में सेम गाँव का विशेष महत्व है,क्योंकि यहीं से यात्रा अपने अगले दुर्गम चरणों की ओर आगे बढ़ती है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों,प्रबुद्ध जनों और स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर मार्ग की स्थिति,यात्रियों के ठहराव की व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों पर विस्तृत चर्चा की। एसपी चमोली ने ग्रामीणों से राजजात यात्रा से जुड़े पारंपरिक अनुभवों और भविष्य की चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया,ताकि आने वाले समय में यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित,सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।कोतवाली कर्णप्रयाग क्षेत्र के ग्राम तोप में 1 जनवरी से चल रही सात दिवसीय पारंपरिक पांडव लीला (गैंडा कौथिग) का श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हुआ। समापन अवसर पर पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और देव आशीर्वाद प्राप्त किया।पुलिस अधीक्षक के ग्राम तोप पहुँचने पर युवक मंगल दल,महिला मंगल दल तथा तोप, भटोली और कंडवाल के ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों,पुष्प मालाओं और बैज अलंकरण के साथ स्वागत किया। पांडव लीला के अंतिम दिन गैंडा वध का मंचन मुख्य आकर्षण रहा। स्थानीय कलाकारों द्वारा पौराणिक कथाओं पर आधारित नृत्य प्रस्तुति ने पांडवों के शौर्य और संघर्ष को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया,जिसे देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी चमोली ने आयोजन की सराहना की और ग्रामीणों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि व्यस्त पुलिस कार्यों के बीच जब संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है,तो नई ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने ग्रामीणों और आयोजकों द्वारा सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखने के प्रयासों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में पूर्व प्रमुख कर्णप्रयाग राजेन्द्र सिंह सगोई,ग्राम पंचायत अध्यक्ष जयवीर सिंह चौधरी,पांडव नृत्य समिति अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह बिष्ट,युवक मंगल दल तोप के अध्यक्ष पंकज सिंह बिष्ट,भूतपूर्व पुलिसकर्मी सुरेन्द्र सिंह पँवार,प्रभारी निरीक्षक कर्णप्रयाग राकेश भट्ट,चौकी प्रभारी नौटी भूपेन्द्र गोदियाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। पांडव लीला के समापन के बाद एसपी चमोली ने नंदा राजजात यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव सेम गाँव का स्थलीय निरीक्षण किया।हिमालयी महाकुंभ नंदा राजजात यात्रा में सेम गाँव का विशेष महत्व है,क्योंकि यहीं से यात्रा अपने अगले दुर्गम चरणों की ओर आगे बढ़ती है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों,प्रबुद्ध जनों और स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर मार्ग की स्थिति,यात्रियों के ठहराव की व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों पर विस्तृत चर्चा की। एसपी चमोली ने ग्रामीणों से राजजात यात्रा से जुड़े पारंपरिक अनुभवों और भविष्य की चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया,ताकि आने वाले समय में यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित,सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।