प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा वर्ष 2026 के सफल,सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन के दृष्टिगत जिला प्रशासन रूद्रप्रयाग द्वारा प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी क्रम में मंगलवार को प्रातः 11.00 बजे से जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग प्रतीक जैन की अध्यक्षता में जिला कार्यालय रूद्रप्रयाग के सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्री केदारनाथ धाम यात्रा से संबंधित प्रारंभिक तैयारियों,आवश्यक व्यवस्थाओं,विभागीय दायित्वों,बीकेटीसी,हक-हकूदारों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान यात्री सुविधाएं,सड़क एवं पैदल मार्गों की स्थिति,पार्किंग व्यवस्था,डंडी-कंडी एवं घोड़ा-खच्चर संचालन,स्वास्थ्य सेवाएं,पेयजल,विद्युत आपूर्ति,स्वच्छता,आवास,यातायात प्रबंधन,सुरक्षा व्यवस्था,आपदा प्रबंधन तथा संचार व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। सड़क,भूस्खलन एवं डायवर्सन पर विशेष फोकस जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग की सड़कों की स्थिति,भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में ट्रीटमेंट कार्यों तथा रूट डायवर्सन पर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा से पूर्व सभी आवश्यक ट्रीटमेंट कार्य पूर्ण किए जाएं।साथ ही एनएच विभाग को सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।जहां भी डायवर्सन की आवश्यकता हो,वहां स्पष्ट साइन बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।पार्किंग,स्नान एवं स्थानीय सहभागिता यात्रा के दौरान पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने हेतु निर्देश दिए गए। जिन स्थलों पर स्थानीय महिलाएं पार्किंग संचालन कर रही हैं,वहां पार्किंग से होने वाली आय का 50 प्रतिशत स्थानीय समूहों एवं 50 प्रतिशत प्राधिकरण को प्राप्त होने पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त गौरीकुंड में श्रद्धालुओं के स्नान हेतु महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।डंडी-कंडी संचालन हेतु समिति का गठन डंडी-कंडी संचालन से जुड़ी व्यवहारिक चुनौतियों के समाधान हेतु उपजिलाधिकारी ऊखीमठ की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। इस समिति में स्थानीय थाना प्रभारी,समाज कल्याण अधिकारी,एडीओ पंचायत तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति द्वारा डंडी-कंडी पर्ची काउंटर के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा ताकि भीड़ की समस्या न हो। इस वर्ष सभी डंडी-कंडी संचालकों का पंजीकरण,स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक सत्यापन अनिवार्य होगा तथा उनकी सूची प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी।घोड़ा-खच्चर संचालन पर निर्देश बैठक में घोड़ा-खच्चर संचालन पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व ही बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि बिना पंजीकरण वाले घोड़ा-खच्चर यात्रा मार्ग में सम्मिलित न हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता रूद्रप्रयाग जनपद के घोड़ा-खच्चर संचालकों के पंजीकरण को दी जाएगी। साथ ही इस वर्ष सभी घोड़ा-खच्चरों का बीमा अनिवार्य होगा,जिसके लिए पशुपालन विभाग द्वारा विभिन्न बीमा कंपनियों के विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।सुरक्षा,स्वच्छता एवं अनुशासन जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए,विशेष रूप से मोबाइल चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण एवं टेंटों में ठहरने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु निर्देश दिए गए कि प्रत्येक सुलभ शौचालय में एक सफाई कर्मी तैनात रहेगा तथा महिला शौचालयों में सेनेटरी पैड डिस्पोजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ठंड से बचाव हेतु घोड़ा पड़ावों,रेन शेल्टर एवं अन्य प्रमुख स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की जाएगी। सोनप्रयाग से ऊपर मांस,शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन पर प्रतिबंध को प्रभावी बनाने हेतु जिला पंचायत बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।आपसी समन्वय से चरणबद्ध तैयारियों पर जोर जिलाधिकारी ने सभी स्टेकहोल्डर्स से यात्रा को लेकर अभी से योजनाबद्ध तरीके से आपसी समन्वय के साथ कार्य प्रारंभ करने का आह्वान किया।साथ ही आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक एहतियाती उपाय समय रहते सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में पुलिस,स्वास्थ्य,लोक निर्माण विभाग,पेयजल,विद्युत,नगर निकाय,पर्यटन,परिवहन,आपदा प्रबंधन सहित सभी संबंधित विभागों द्वारा अपने-अपने दायित्वों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने कहा कि श्रद्धालु जिस आस्था और भाव के साथ बाबा केदार के दर्शन हेतु आते हैं,उन्हें उसी भाव के साथ दर्शन कराए जाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से आपसी सहयोग के साथ यात्रा के सफल संचालन का आह्वान किया। बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल,जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रप्रयाग पूनम कठैत,नगर पंचायत अध्यक्ष गुप्तकाशी विशेश्वरी देवी,नगर पंचायत अध्यक्ष ऊखीमठ कुब्जा धर्मवान,जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी,पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे,मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत,उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला,उपजिलाधिकारी जखोली अनिल रावत,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रामप्रकाश,मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.आशीष रावत,जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे,खण्ड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का,अधिशासी अभियंता लोनिवि ऊखीमठ आर.पी.नैथानी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा वर्ष 2026 के सफल,सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन के दृष्टिगत जिला प्रशासन रूद्रप्रयाग द्वारा प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी क्रम में मंगलवार को प्रातः 11.00 बजे से जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग प्रतीक जैन की अध्यक्षता में जिला कार्यालय रूद्रप्रयाग के सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्री केदारनाथ धाम यात्रा से संबंधित प्रारंभिक तैयारियों,आवश्यक व्यवस्थाओं,विभागीय दायित्वों,बीकेटीसी,हक-हकूदारों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान यात्री सुविधाएं,सड़क एवं पैदल मार्गों की स्थिति,पार्किंग व्यवस्था,डंडी-कंडी एवं घोड़ा-खच्चर संचालन,स्वास्थ्य सेवाएं,पेयजल,विद्युत आपूर्ति,स्वच्छता,आवास,यातायात प्रबंधन,सुरक्षा व्यवस्था,आपदा प्रबंधन तथा संचार व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। सड़क,भूस्खलन एवं डायवर्सन पर विशेष फोकस जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग की सड़कों की स्थिति,भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में ट्रीटमेंट कार्यों तथा रूट डायवर्सन पर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा से पूर्व सभी आवश्यक ट्रीटमेंट कार्य पूर्ण किए जाएं।साथ ही एनएच विभाग को सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।जहां भी डायवर्सन की आवश्यकता हो,वहां स्पष्ट साइन बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।पार्किंग,स्नान एवं स्थानीय सहभागिता यात्रा के दौरान पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने हेतु निर्देश दिए गए। जिन स्थलों पर स्थानीय महिलाएं पार्किंग संचालन कर रही हैं,वहां पार्किंग से होने वाली आय का 50 प्रतिशत स्थानीय समूहों एवं 50 प्रतिशत प्राधिकरण को प्राप्त होने पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त गौरीकुंड में श्रद्धालुओं के स्नान हेतु महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।डंडी-कंडी संचालन हेतु समिति का गठन डंडी-कंडी संचालन से जुड़ी व्यवहारिक चुनौतियों के समाधान हेतु उपजिलाधिकारी ऊखीमठ की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। इस समिति में स्थानीय थाना प्रभारी,समाज कल्याण अधिकारी,एडीओ पंचायत तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति द्वारा डंडी-कंडी पर्ची काउंटर के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा ताकि भीड़ की समस्या न हो। इस वर्ष सभी डंडी-कंडी संचालकों का पंजीकरण,स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक सत्यापन अनिवार्य होगा तथा उनकी सूची प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी।घोड़ा-खच्चर संचालन पर निर्देश बैठक में घोड़ा-खच्चर संचालन पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व ही बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि बिना पंजीकरण वाले घोड़ा-खच्चर यात्रा मार्ग में सम्मिलित न हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता रूद्रप्रयाग जनपद के घोड़ा-खच्चर संचालकों के पंजीकरण को दी जाएगी। साथ ही इस वर्ष सभी घोड़ा-खच्चरों का बीमा अनिवार्य होगा,जिसके लिए पशुपालन विभाग द्वारा विभिन्न बीमा कंपनियों के विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।सुरक्षा,स्वच्छता एवं अनुशासन जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए,विशेष रूप से मोबाइल चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण एवं टेंटों में ठहरने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु निर्देश दिए गए कि प्रत्येक सुलभ शौचालय में एक सफाई कर्मी तैनात रहेगा तथा महिला शौचालयों में सेनेटरी पैड डिस्पोजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ठंड से बचाव हेतु घोड़ा पड़ावों,रेन शेल्टर एवं अन्य प्रमुख स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की जाएगी। सोनप्रयाग से ऊपर मांस,शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन पर प्रतिबंध को प्रभावी बनाने हेतु जिला पंचायत बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।आपसी समन्वय से चरणबद्ध तैयारियों पर जोर जिलाधिकारी ने सभी स्टेकहोल्डर्स से यात्रा को लेकर अभी से योजनाबद्ध तरीके से आपसी समन्वय के साथ कार्य प्रारंभ करने का आह्वान किया।साथ ही आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक एहतियाती उपाय समय रहते सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में पुलिस,स्वास्थ्य,लोक निर्माण विभाग,पेयजल,विद्युत,नगर निकाय,पर्यटन,परिवहन,आपदा प्रबंधन सहित सभी संबंधित विभागों द्वारा अपने-अपने दायित्वों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने कहा कि श्रद्धालु जिस आस्था और भाव के साथ बाबा केदार के दर्शन हेतु आते हैं,उन्हें उसी भाव के साथ दर्शन कराए जाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से आपसी सहयोग के साथ यात्रा के सफल संचालन का आह्वान किया। बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल,जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रप्रयाग पूनम कठैत,नगर पंचायत अध्यक्ष गुप्तकाशी विशेश्वरी देवी,नगर पंचायत अध्यक्ष ऊखीमठ कुब्जा धर्मवान,जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी,पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे,मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत,उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला,उपजिलाधिकारी जखोली अनिल रावत,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रामप्रकाश,मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.आशीष रावत,जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे,खण्ड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का,अधिशासी अभियंता लोनिवि ऊखीमठ आर.पी.नैथानी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।