प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।पुलिस मुख्यालय स्तर से चलाए जा रहे गुमशुदा बालक,बालिकाओं तथा महिला-पुरुषों की तलाश और पुनर्वास अभियान ऑपरेशन स्माइल के तहत एएचटीयू टीम द्वारा हर की पौड़ी क्षेत्र से दो बालकों को दयनीय अवस्था में रेस्क्यू किया गया। ऑपरेशन स्माइल अभियान के अंतर्गत दिनांक 27 जनवरी 2026 को एएचटीयू टीम द्वारा हर की पौड़ी क्षेत्र में गश्त के दौरान दो बालक संदिग्ध अवस्था में पाए गए। मौके पर पूछताछ के दौरान पहले बालक ने बताया कि उसकी उम्र 14 वर्ष है और वह बदायूं,उत्तर प्रदेश का निवासी है।माता-पिता के निधन के बाद उसका पालन-पोषण बुआ द्वारा किया जा रहा था,लेकिन वह लगभग तीन वर्ष पूर्व घर से निकल गया। इसके बाद वह अलीगढ़,बरेली होते हुए दो दिन पहले हरिद्वार पहुंचा,जहां छोटे-मोटे काम कर और भंडारों में भोजन प्राप्त कर जीवन यापन कर रहा था। बालक को नई घाट के पास सर्दी से ठिठुरती अवस्था में रेस्क्यू किया गया। दूसरे बालक की उम्र 9 वर्ष है,जो अलीगढ़,उत्तर प्रदेश का निवासी है। उसने बताया कि वह दिनांक 16 जनवरी 2026 की सुबह घर से निकलकर हरिद्वार आ गया था। रेस्क्यू के बाद दोनों बालकों को आवश्यक विधिक कार्यवाही के उपरांत चिकित्सा परीक्षण के लिए ले जाया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के पश्चात दोनों बालकों को बाल कल्याण समिति हरिद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया,जहां आवश्यक काउंसलिंग के बाद उन्हें खुला आश्रय गृह कनखल में संरक्षण प्रदान किया गया।पुलिस द्वारा दोनों बालकों के परिजनों से संपर्क स्थापित करने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। इस पूरी कार्रवाई में ऑपरेशन स्माइल टीम में मुख्य आरक्षी राकेश कुमार,मुख्य आरक्षी बिना गोदियाल,आरक्षी दीपकचंद,आरक्षी जयराज सिंह तथा महिला आरक्षी गीता देवी शामिल रहीं।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।पुलिस मुख्यालय स्तर से चलाए जा रहे गुमशुदा बालक,बालिकाओं तथा महिला-पुरुषों की तलाश और पुनर्वास अभियान ऑपरेशन स्माइल के तहत एएचटीयू टीम द्वारा हर की पौड़ी क्षेत्र से दो बालकों को दयनीय अवस्था में रेस्क्यू किया गया। ऑपरेशन स्माइल अभियान के अंतर्गत दिनांक 27 जनवरी 2026 को एएचटीयू टीम द्वारा हर की पौड़ी क्षेत्र में गश्त के दौरान दो बालक संदिग्ध अवस्था में पाए गए। मौके पर पूछताछ के दौरान पहले बालक ने बताया कि उसकी उम्र 14 वर्ष है और वह बदायूं,उत्तर प्रदेश का निवासी है।माता-पिता के निधन के बाद उसका पालन-पोषण बुआ द्वारा किया जा रहा था,लेकिन वह लगभग तीन वर्ष पूर्व घर से निकल गया। इसके बाद वह अलीगढ़,बरेली होते हुए दो दिन पहले हरिद्वार पहुंचा,जहां छोटे-मोटे काम कर और भंडारों में भोजन प्राप्त कर जीवन यापन कर रहा था। बालक को नई घाट के पास सर्दी से ठिठुरती अवस्था में रेस्क्यू किया गया। दूसरे बालक की उम्र 9 वर्ष है,जो अलीगढ़,उत्तर प्रदेश का निवासी है। उसने बताया कि वह दिनांक 16 जनवरी 2026 की सुबह घर से निकलकर हरिद्वार आ गया था। रेस्क्यू के बाद दोनों बालकों को आवश्यक विधिक कार्यवाही के उपरांत चिकित्सा परीक्षण के लिए ले जाया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के पश्चात दोनों बालकों को बाल कल्याण समिति हरिद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया,जहां आवश्यक काउंसलिंग के बाद उन्हें खुला आश्रय गृह कनखल में संरक्षण प्रदान किया गया।पुलिस द्वारा दोनों बालकों के परिजनों से संपर्क स्थापित करने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। इस पूरी कार्रवाई में ऑपरेशन स्माइल टीम में मुख्य आरक्षी राकेश कुमार,मुख्य आरक्षी बिना गोदियाल,आरक्षी दीपकचंद,आरक्षी जयराज सिंह तथा महिला आरक्षी गीता देवी शामिल रहीं।