श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। प्रेस क्लब हरिद्वार द्वारा आयोजित हिन्दी पत्रकारिता द्वि शताब्दी समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने हिन्दी पत्रकारिता के ऐतिहासिक,सामाजिक और लोकतांत्रिक योगदान पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। राज्यपाल ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता का दो सौ वर्षों तक निरंतर सक्रिय रहना उसकी गहराई,प्रतिबद्धता और सामाजिक दायित्व का प्रमाण है।उन्होंने उदन्त मार्तण्ड के प्रकाशन से प्रारंभ हुई हिन्दी पत्रकारिता की यात्रा को राष्ट्र चेतना के जागरण का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति,भावनाओं और आत्मा की अभिव्यक्ति है। राज्यपाल ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता सत्य,विवेक और मूल्यों के साथ सत्ता से प्रश्न पूछती है और जनहित को केंद्र में रखती है,यही लोकतंत्र की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल सत्ता परिवर्तन नहीं थी,बल्कि सभ्यता के पुनर्जागरण और नवभारत निर्माण का संकल्प थी,जिसमें हिन्दी पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में मीडिया का स्वरूप तेजी से बदल रहा है,लेकिन पत्रकारिता का मूल धर्म अपरिवर्तित रहना चाहिए। हिन्दी पत्रकारिता समाज के वंचित वर्गों की आवाज बनी है, नारी सम्मान की संवाहक रही है और सामाजिक सुधार की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाती रही है। हरिद्वार की आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह नगर केवल तीर्थ नहीं,बल्कि भारत की चेतना का केंद्र है। वर्ष 2025 में हरिद्वार में करोड़ों पर्यटकों के आगमन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी लेखनी के माध्यम से सकारात्मक और राष्ट्र निर्माण का संदेश समाज तक पहुंचाएं।उन्होंने मीडिया से शहर की स्वच्छता के लिए जन जागरूकता फैलाने का भी आह्वान किया। राज्यपाल ने पत्रकारों से जनहित,लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र पुनर्निर्माण के प्रति अपने दायित्व को संकल्प के रूप में अपनाने का आग्रह किया तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित,आत्मनिर्भर और विश्व गुरु बनाने की दिशा में अपनी भूमिका निभाने की बात कही।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में निर्मल पाठक ने आजादी के बाद राष्ट्र पुनर्निर्माण में हिन्दी पत्रकारिता विषय पर अपने विचार साझा किए। जनपद आगमन पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल द्वारा राज्यपाल का स्वागत किया गया। समारोह में प्रेस क्लब हरिद्वार के पदाधिकारी,आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। प्रेस क्लब हरिद्वार द्वारा आयोजित हिन्दी पत्रकारिता द्वि शताब्दी समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने हिन्दी पत्रकारिता के ऐतिहासिक,सामाजिक और लोकतांत्रिक योगदान पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। राज्यपाल ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता का दो सौ वर्षों तक निरंतर सक्रिय रहना उसकी गहराई,प्रतिबद्धता और सामाजिक दायित्व का प्रमाण है।उन्होंने उदन्त मार्तण्ड के प्रकाशन से प्रारंभ हुई हिन्दी पत्रकारिता की यात्रा को राष्ट्र चेतना के जागरण का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति,भावनाओं और आत्मा की अभिव्यक्ति है। राज्यपाल ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता सत्य,विवेक और मूल्यों के साथ सत्ता से प्रश्न पूछती है और जनहित को केंद्र में रखती है,यही लोकतंत्र की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल सत्ता परिवर्तन नहीं थी,बल्कि सभ्यता के पुनर्जागरण और नवभारत निर्माण का संकल्प थी,जिसमें हिन्दी पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में मीडिया का स्वरूप तेजी से बदल रहा है,लेकिन पत्रकारिता का मूल धर्म अपरिवर्तित रहना चाहिए। हिन्दी पत्रकारिता समाज के वंचित वर्गों की आवाज बनी है, नारी सम्मान की संवाहक रही है और सामाजिक सुधार की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाती रही है। हरिद्वार की आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह नगर केवल तीर्थ नहीं,बल्कि भारत की चेतना का केंद्र है। वर्ष 2025 में हरिद्वार में करोड़ों पर्यटकों के आगमन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी लेखनी के माध्यम से सकारात्मक और राष्ट्र निर्माण का संदेश समाज तक पहुंचाएं।उन्होंने मीडिया से शहर की स्वच्छता के लिए जन जागरूकता फैलाने का भी आह्वान किया। राज्यपाल ने पत्रकारों से जनहित,लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र पुनर्निर्माण के प्रति अपने दायित्व को संकल्प के रूप में अपनाने का आग्रह किया तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित,आत्मनिर्भर और विश्व गुरु बनाने की दिशा में अपनी भूमिका निभाने की बात कही।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में निर्मल पाठक ने आजादी के बाद राष्ट्र पुनर्निर्माण में हिन्दी पत्रकारिता विषय पर अपने विचार साझा किए। जनपद आगमन पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल द्वारा राज्यपाल का स्वागत किया गया। समारोह में प्रेस क्लब हरिद्वार के पदाधिकारी,आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।