श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की संस्थान नवाचार परिषद द्वारा प्रौद्योगिकी पूर्व ऊष्मायन प्रकोष्ठ के सहयोग से डिज़ाइन सोच, समालोचनात्मक सोच एवं नवाचार डिज़ाइन विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन 7 फरवरी 2026 को विश्वविद्यालय के वनस्पति एवं सूक्ष्म जैविकी विभाग में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य नवाचार आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देना,उद्यमिता के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा समाजोपयोगी नवाचार विकसित करना रहा। कार्यक्रम का संचालन शोध छात्रा गौतमी भट्ट द्वारा किया गया। कार्यशाला के प्रथम सत्र में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से आए विशेषज्ञ डॉ.रविंदर कुमार ने भारत सरकार की प्रमुख नवाचार और स्टार्टअप योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युक्ति पोर्टल,कपिला योजना और स्टार्टअप इंडिया बीज निधि योजना के माध्यम से नवाचार और शोध को व्यावहारिक उपयोग में लाने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि अनुसंधान तभी सार्थक होता है जब उसका उपयोग समाज और उद्योग की समस्याओं के समाधान में किया जाए। दूसरे सत्र में पूर्व संस्थान नवाचार परिषद अध्यक्ष डॉ.राम कुमार साहू ने युक्ति नवाचार चुनौती की पूरी प्रक्रिया, पंजीकरण व्यवस्था तथा उद्योग उन्मुख नवाचारों के लिए उपलब्ध सरकारी सहयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने नवाचार विचारों को सही मंच पर प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कई नवाचार आधारित विचार प्रस्तुत किए, जिन्हें भविष्य में युक्ति नवाचार प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ.रवि कांत और प्रो.एन. गोविंदन द्वारा संयुक्त रूप से की गई,जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ.भास्करन ने किया। कार्यशाला को नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के विकास,उद्यमिता को प्रोत्साहन और बौद्धिक संपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अत्यंत उपयोगी और प्रभावशाली बताया गया।
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श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की संस्थान नवाचार परिषद द्वारा प्रौद्योगिकी पूर्व ऊष्मायन प्रकोष्ठ के सहयोग से डिज़ाइन सोच, समालोचनात्मक सोच एवं नवाचार डिज़ाइन विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन 7 फरवरी 2026 को विश्वविद्यालय के वनस्पति एवं सूक्ष्म जैविकी विभाग में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य नवाचार आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देना,उद्यमिता के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा समाजोपयोगी नवाचार विकसित करना रहा। कार्यक्रम का संचालन शोध छात्रा गौतमी भट्ट द्वारा किया गया। कार्यशाला के प्रथम सत्र में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से आए विशेषज्ञ डॉ.रविंदर कुमार ने भारत सरकार की प्रमुख नवाचार और स्टार्टअप योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युक्ति पोर्टल,कपिला योजना और स्टार्टअप इंडिया बीज निधि योजना के माध्यम से नवाचार और शोध को व्यावहारिक उपयोग में लाने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि अनुसंधान तभी सार्थक होता है जब उसका उपयोग समाज और उद्योग की समस्याओं के समाधान में किया जाए। दूसरे सत्र में पूर्व संस्थान नवाचार परिषद अध्यक्ष डॉ.राम कुमार साहू ने युक्ति नवाचार चुनौती की पूरी प्रक्रिया, पंजीकरण व्यवस्था तथा उद्योग उन्मुख नवाचारों के लिए उपलब्ध सरकारी सहयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने नवाचार विचारों को सही मंच पर प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कई नवाचार आधारित विचार प्रस्तुत किए, जिन्हें भविष्य में युक्ति नवाचार प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ.रवि कांत और प्रो.एन. गोविंदन द्वारा संयुक्त रूप से की गई,जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ.भास्करन ने किया। कार्यशाला को नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के विकास,उद्यमिता को प्रोत्साहन और बौद्धिक संपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अत्यंत उपयोगी और प्रभावशाली बताया गया।