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श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार 

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर शहर को ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित व अनुशासित बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने हॉर्न फ्री जोन और नो ओवरटेकिंग जोन बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू की है। इस संबंध में शुक्रवार को नगर निगम सभागार में महापौर आरती भंडारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्षदों के साथ जीएमओयू टीजीएमओयू टैक्सी यूनियन जय बद्री केदार टाटा सूमो यूनियन अलकनंदा कमांडर यूनियन समिति के प्रतिनिधि और नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने शहर को शांत और व्यवस्थित बनाने के इस अभियान का समर्थन किया। बैठक में निर्णय लिया गया कि पहले चरण में पंचपीपल से स्वीत पुल तक के क्षेत्र को हॉर्न फ्री जोन घोषित किया जाएगा। इस क्षेत्र में प्रेशर हॉर्न के प्रयोग पर सख्ती से रोक रहेगी और केवल परिवहन विभाग द्वारा स्वीकृत मानक हॉर्न का ही उपयोग किया जा सकेगा। अनावश्यक ओवरटेकिंग पर निगरानी रखी जाएगी तथा प्रमुख स्थानों पर हॉर्न फ्री जोन के सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। बैठक में यह भी सामने आया कि शहर में प्रेशर हॉर्न का अत्यधिक प्रयोग आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। स्कूलों के आसपास पढ़ने वाले विद्यार्थियों अस्पतालों में भर्ती मरीजों और वरिष्ठ नागरिकों को इससे विशेष असुविधा होती है। लगातार तेज ध्वनि मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ाती है। नगर निगम का मानना है कि ध्वनि नियंत्रण और यातायात अनुशासन से शहर का वातावरण अधिक सुरक्षित और नागरिक-अनुकूल बनाया जा सकता है। इस पहल के तहत महापौर आरती भंडारी ने स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपनी सरकारी गाड़ी में पिछले 15 दिनों से हॉर्न का प्रयोग बंद कर रखा है। उनका कहना है कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं और बदलाव की शुरुआत नेतृत्व स्तर से होनी चाहिए। बैठक में परिवहन यूनियनों और जनप्रतिनिधियों ने अभियान को सफल बनाने का आश्वासन दिया। शहरवासियों से भी अपील की गई है कि वे अनावश्यक हॉर्न बजाने से बचें और यातायात नियमों का पालन करें। नगर निगम की इस पहल को लेकर शहर में सकारात्मक चर्चा हो रही है और इसे एक दूरगामी कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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