प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद हरिद्वार में 18 फरवरी 2026 को संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधिमंडल तथा अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष की टीम ने ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत संचालित ग्रामीण उद्यम इकाइयों का निरीक्षण एवं भ्रमण किया। यह कार्यक्रम मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र की उपस्थिति में संपन्न हुआ। संयुक्त अरब अमीरात से फातेमा अलमुल्ला शथा अलअयदारूस और क्रिस्टोफर हैमेल जो प्रेसिडेंशियल कोर्ट के अंतरराष्ट्रीय मामलों के कार्यालय से संबद्ध हैं तथा मीरा मिश्रा देश समन्वयक अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष की टीम ने विकासखंड रुड़की स्थित हिलांस बेकरी इकाई और विकासखंड बहादराबाद के सरस विपणन केंद्र में स्थापित वेस्ट फ्लावर प्रबंधन इकाई का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों इकाइयां ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से संचालित हैं। निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने इकाइयों की कार्यप्रणाली उत्पादन प्रक्रिया गुणवत्ता नियंत्रण विपणन व्यवस्था और परियोजना के माध्यम से ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण से संबंधित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। टीम ने विशेष रूप से महिला उद्यमियों से संवाद कर उनके अनुभव सुने।महिला उद्यमियों ने बताया कि परियोजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक सशक्तिकरण आय वृद्धि और सामाजिक सम्मान में सकारात्मक परिवर्तन आया है। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भरता और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग का उदाहरण बताया। वेस्ट फ्लावर प्रबंधन इकाई के माध्यम से मंदिरों एवं अन्य स्थानों से एकत्रित पुष्पों का पुनर्चक्रण कर उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। वहीं हिलांस बेकरी इकाई स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर बाजार में उपलब्ध करा रही है। इस अवसर पर उप निदेशक महेंद्र सिंह यादव एमसीएफ टीम से अनमोल जैन जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना सहायक प्रबंधकगण विकासखंड स्तरीय रीप एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का स्टाफ सामुदायिक स्तरीय संघ का स्टाफ तथा संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह भ्रमण ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत संचालित नवाचार आधारित ग्रामीण उद्यमों की प्रगति प्रभाव और संभावनाओं के मूल्यांकन की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रयास ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद हरिद्वार में 18 फरवरी 2026 को संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधिमंडल तथा अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष की टीम ने ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत संचालित ग्रामीण उद्यम इकाइयों का निरीक्षण एवं भ्रमण किया। यह कार्यक्रम मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र की उपस्थिति में संपन्न हुआ। संयुक्त अरब अमीरात से फातेमा अलमुल्ला शथा अलअयदारूस और क्रिस्टोफर हैमेल जो प्रेसिडेंशियल कोर्ट के अंतरराष्ट्रीय मामलों के कार्यालय से संबद्ध हैं तथा मीरा मिश्रा देश समन्वयक अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष की टीम ने विकासखंड रुड़की स्थित हिलांस बेकरी इकाई और विकासखंड बहादराबाद के सरस विपणन केंद्र में स्थापित वेस्ट फ्लावर प्रबंधन इकाई का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों इकाइयां ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से संचालित हैं। निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने इकाइयों की कार्यप्रणाली उत्पादन प्रक्रिया गुणवत्ता नियंत्रण विपणन व्यवस्था और परियोजना के माध्यम से ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण से संबंधित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। टीम ने विशेष रूप से महिला उद्यमियों से संवाद कर उनके अनुभव सुने।महिला उद्यमियों ने बताया कि परियोजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक सशक्तिकरण आय वृद्धि और सामाजिक सम्मान में सकारात्मक परिवर्तन आया है। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भरता और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग का उदाहरण बताया। वेस्ट फ्लावर प्रबंधन इकाई के माध्यम से मंदिरों एवं अन्य स्थानों से एकत्रित पुष्पों का पुनर्चक्रण कर उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। वहीं हिलांस बेकरी इकाई स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर बाजार में उपलब्ध करा रही है। इस अवसर पर उप निदेशक महेंद्र सिंह यादव एमसीएफ टीम से अनमोल जैन जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना सहायक प्रबंधकगण विकासखंड स्तरीय रीप एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का स्टाफ सामुदायिक स्तरीय संघ का स्टाफ तथा संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह भ्रमण ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत संचालित नवाचार आधारित ग्रामीण उद्यमों की प्रगति प्रभाव और संभावनाओं के मूल्यांकन की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रयास ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।