प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड के डिजाइन नवाचार केंद्र द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के सहयोग से द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन नवाचारी इंजीनियरिंग डिज़ाइन आईसीओआईईडी 2026 का आयोजन 16 और 17 फरवरी 2026 को मिश्रित माध्यम में सफलतापूर्वक किया गया। यह दो दिवसीय सम्मेलन नवाचारी इंजीनियरिंग डिज़ाइन उभरती प्रौद्योगिकियों और अंतःविषय अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। सम्मेलन के दौरान कुल छह मुख्य व्याख्यान और बारह तकनीकी सत्र आयोजित किए गए जिनमें विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड से डॉ.धर्मेन्द्र त्रिपाठी डीन अनुसंधान एवं परामर्श डॉ.जी एस ब्रार डीन अंतरराष्ट्रीय मामले डॉ.पवन कुमार राकेश डिज़ाइन नवाचार केंद्र समन्वयक डॉ.अपूर्बा मंडोल विभागाध्यक्ष यांत्रिक अभियंत्रण डॉ.टी सुधाकर डॉ.हितेश शर्मा तथा डॉ.विकास कुक्षाल ने सम्मेलन के आयोजन और संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की से प्रो.अपुर्बा कुमार शर्मा विभागाध्यक्ष डिजाइन विभाग प्रो.इंदरदीप सिंह समन्वयक डिजाइन नवाचार केंद्र एवं डीन अवसंरचना तथा मुख्य अतिथि प्रो.नवीन कुमार डीन अकादमिक की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं ने इंजीनियरिंग डिज़ाइन के क्षेत्र में नवाचार शोध की गुणवत्ता और उद्योग के साथ सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।सम्मेलन में कुल 161 शोध पत्र प्राप्त हुए। कठोर सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया के बाद 86 शोध पत्रों को प्रस्तुति के लिए स्वीकृत किया गया। इन शोध पत्रों में नवाचारी डिज़ाइन पद्धतियों उन्नत विनिर्माण स्मार्ट तकनीकों और अंतःविषय अनुप्रयोगों से जुड़े विषय शामिल रहे। जर्मनी अमेरिका यूनाइटेड किंगडम बांग्लादेश नामीबिया और पोलैंड सहित छह देशों के अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों ने सम्मेलन में भाग लिया। इस व्यापक सहभागिता ने सम्मेलन को वैश्विक शैक्षणिक संवाद का महत्वपूर्ण मंच बना दिया।कार्यक्रम को हेनिंग ज़ाइडलर जे राम कुमार जॉय प्रकाश मिश्रा नरेश भटनागर और तिग्मांशु भटनागर जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञों के मुख्य व्याख्यानों ने विशेष रूप से समृद्ध किया। इन व्याख्यानों में नवीन शोध प्रवृत्तियों व्यावहारिक अनुप्रयोगों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि आईसीओआईईडी 2026 के माध्यम से हुए विमर्श प्रस्तुत शोध और विचार-विनिमय भविष्य के अनुसंधान उद्योग-शैक्षणिक सहयोग और तकनीकी नवाचार को नई दिशा प्रदान करेंगे तथा इंजीनियरिंग डिज़ाइन के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देंगे।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड के डिजाइन नवाचार केंद्र द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के सहयोग से द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन नवाचारी इंजीनियरिंग डिज़ाइन आईसीओआईईडी 2026 का आयोजन 16 और 17 फरवरी 2026 को मिश्रित माध्यम में सफलतापूर्वक किया गया। यह दो दिवसीय सम्मेलन नवाचारी इंजीनियरिंग डिज़ाइन उभरती प्रौद्योगिकियों और अंतःविषय अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। सम्मेलन के दौरान कुल छह मुख्य व्याख्यान और बारह तकनीकी सत्र आयोजित किए गए जिनमें विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड से डॉ.धर्मेन्द्र त्रिपाठी डीन अनुसंधान एवं परामर्श डॉ.जी एस ब्रार डीन अंतरराष्ट्रीय मामले डॉ.पवन कुमार राकेश डिज़ाइन नवाचार केंद्र समन्वयक डॉ.अपूर्बा मंडोल विभागाध्यक्ष यांत्रिक अभियंत्रण डॉ.टी सुधाकर डॉ.हितेश शर्मा तथा डॉ.विकास कुक्षाल ने सम्मेलन के आयोजन और संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की से प्रो.अपुर्बा कुमार शर्मा विभागाध्यक्ष डिजाइन विभाग प्रो.इंदरदीप सिंह समन्वयक डिजाइन नवाचार केंद्र एवं डीन अवसंरचना तथा मुख्य अतिथि प्रो.नवीन कुमार डीन अकादमिक की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं ने इंजीनियरिंग डिज़ाइन के क्षेत्र में नवाचार शोध की गुणवत्ता और उद्योग के साथ सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।सम्मेलन में कुल 161 शोध पत्र प्राप्त हुए। कठोर सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया के बाद 86 शोध पत्रों को प्रस्तुति के लिए स्वीकृत किया गया। इन शोध पत्रों में नवाचारी डिज़ाइन पद्धतियों उन्नत विनिर्माण स्मार्ट तकनीकों और अंतःविषय अनुप्रयोगों से जुड़े विषय शामिल रहे। जर्मनी अमेरिका यूनाइटेड किंगडम बांग्लादेश नामीबिया और पोलैंड सहित छह देशों के अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों ने सम्मेलन में भाग लिया। इस व्यापक सहभागिता ने सम्मेलन को वैश्विक शैक्षणिक संवाद का महत्वपूर्ण मंच बना दिया।कार्यक्रम को हेनिंग ज़ाइडलर जे राम कुमार जॉय प्रकाश मिश्रा नरेश भटनागर और तिग्मांशु भटनागर जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञों के मुख्य व्याख्यानों ने विशेष रूप से समृद्ध किया। इन व्याख्यानों में नवीन शोध प्रवृत्तियों व्यावहारिक अनुप्रयोगों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि आईसीओआईईडी 2026 के माध्यम से हुए विमर्श प्रस्तुत शोध और विचार-विनिमय भविष्य के अनुसंधान उद्योग-शैक्षणिक सहयोग और तकनीकी नवाचार को नई दिशा प्रदान करेंगे तथा इंजीनियरिंग डिज़ाइन के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देंगे।