प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार अपर जिलाधिकारी प्रशासन पी आर चौहान की अध्यक्षता में विकास भवन ऑडिटोरियम में वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित जनगणना के संबंध में कार्यशाला आयोजित की गई।सहायक भूलेख अधिकारी उत्तम सिंह ने जानकारी दी कि भारत में पिछली जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी। आगामी जनगणना-2027 का प्रथम चरण भवन सूचीकरण एवं मकानों की गणना वर्ष 2026 में तथा द्वितीय चरण जनसंख्या गणना वर्ष 2027 में संपन्न कराया जाएगा। कार्यशाला में जनगणना कार्य निदेशालय गृह मंत्रालय भारत सरकार उत्तराखंड देहरादून के प्रतिनिधि संजीव कुमार सहायक निदेशक नीरज कुमार सांख्यिकी अन्वेषक अमीर आलम सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-॥ सहित अन्य अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना 2027 कई दृष्टियों से ऐतिहासिक होगी क्योंकि पहली बार संपूर्ण प्रक्रिया शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से संपादित की जाएगी।
मोबाइल एप आधारित होगी पूरी प्रक्रिया
इस बार जनगणना कार्य पूर्णत मोबाइल एप्लिकेशन आधारित होगा। प्रगणक Enumerator एवं पर्यवेक्षक Supervisor अपने मोबाइल फोन के माध्यम से आंकड़ों का संकलन करेंगे।संपूर्ण संचालन पर्यवेक्षण एवं प्रबंधन के लिए जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली CMMS का उपयोग किया जाएगा जिसे इस बार जनगणना का मस्तिष्क कहा जा रहा है।
जनगणना के दो चरण
प्रथम चरण-मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना
राज्य में यह कार्य 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना Self Enumeration की सुविधा उपलब्ध रहेगी जिसमें परिवार वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।इसके बाद प्रगणक द्वारा सत्यापन किया जाएगा।
द्वितीय चरण-जनसंख्या गणना
यह चरण 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होगा। हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान के तहत 11 सितम्बर से 30 सितम्बर 2026 तक जनसंख्या गणना की जाएगी।
प्रशासनिक संरचना एवं दायित्व
जनपद की प्रत्येक तहसील एवं नगर को एक विशिष्ट जनगणना चार्ज के रूप में चिन्हित किया जाएगा। प्रत्येक चार्ज में एक चार्ज अधिकारी नामित होगा जो पेन मैपिंग ऐप एवं क्रिएटर ऐप के माध्यम से जियो-टैगिंग हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का निर्माण सीमाओं का निर्धारण एवं सत्यापन फील्ड कार्य की निगरानी तथा वेब पोर्टल एवं CMMS के माध्यम से संपूर्ण प्रबंधन सुनिश्चित करेगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनगणना कार्य में समयबद्धता पूर्ण कवरेज और आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित की जाए। डिजिटल प्रणाली लागू होने से डेटा की गुणवत्ता और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है। कार्यशाला में नगर आयुक्त कोटद्वार पी.एल.शाह नगर आयुक्त रुड़की सहायक निदेशक संजीव कुमार सहायक भूलेख अधिकारी उत्तम सिंह सहित जनपद के सभी जनगणना चार्ज अधिकारी अतिरिक्त चार्ज अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार अपर जिलाधिकारी प्रशासन पी आर चौहान की अध्यक्षता में विकास भवन ऑडिटोरियम में वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित जनगणना के संबंध में कार्यशाला आयोजित की गई।सहायक भूलेख अधिकारी उत्तम सिंह ने जानकारी दी कि भारत में पिछली जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी। आगामी जनगणना-2027 का प्रथम चरण भवन सूचीकरण एवं मकानों की गणना वर्ष 2026 में तथा द्वितीय चरण जनसंख्या गणना वर्ष 2027 में संपन्न कराया जाएगा। कार्यशाला में जनगणना कार्य निदेशालय गृह मंत्रालय भारत सरकार उत्तराखंड देहरादून के प्रतिनिधि संजीव कुमार सहायक निदेशक नीरज कुमार सांख्यिकी अन्वेषक अमीर आलम सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-॥ सहित अन्य अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना 2027 कई दृष्टियों से ऐतिहासिक होगी क्योंकि पहली बार संपूर्ण प्रक्रिया शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से संपादित की जाएगी। मोबाइल एप आधारित होगी पूरी प्रक्रिया
इस बार जनगणना कार्य पूर्णत मोबाइल एप्लिकेशन आधारित होगा। प्रगणक Enumerator एवं पर्यवेक्षक Supervisor अपने मोबाइल फोन के माध्यम से आंकड़ों का संकलन करेंगे।संपूर्ण संचालन पर्यवेक्षण एवं प्रबंधन के लिए जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली CMMS का उपयोग किया जाएगा जिसे इस बार जनगणना का मस्तिष्क कहा जा रहा है। जनगणना के दो चरण
प्रथम चरण-मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना
राज्य में यह कार्य 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना Self Enumeration की सुविधा उपलब्ध रहेगी जिसमें परिवार वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।इसके बाद प्रगणक द्वारा सत्यापन किया जाएगा। द्वितीय चरण-जनसंख्या गणना
यह चरण 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होगा। हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान के तहत 11 सितम्बर से 30 सितम्बर 2026 तक जनसंख्या गणना की जाएगी। प्रशासनिक संरचना एवं दायित्व
जनपद की प्रत्येक तहसील एवं नगर को एक विशिष्ट जनगणना चार्ज के रूप में चिन्हित किया जाएगा। प्रत्येक चार्ज में एक चार्ज अधिकारी नामित होगा जो पेन मैपिंग ऐप एवं क्रिएटर ऐप के माध्यम से जियो-टैगिंग हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का निर्माण सीमाओं का निर्धारण एवं सत्यापन फील्ड कार्य की निगरानी तथा वेब पोर्टल एवं CMMS के माध्यम से संपूर्ण प्रबंधन सुनिश्चित करेगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनगणना कार्य में समयबद्धता पूर्ण कवरेज और आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित की जाए। डिजिटल प्रणाली लागू होने से डेटा की गुणवत्ता और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है। कार्यशाला में नगर आयुक्त कोटद्वार पी.एल.शाह नगर आयुक्त रुड़की सहायक निदेशक संजीव कुमार सहायक भूलेख अधिकारी उत्तम सिंह सहित जनपद के सभी जनगणना चार्ज अधिकारी अतिरिक्त चार्ज अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।