प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। सेवा सुरक्षा और मित्रता के अपने ध्येय वाक्य को एक बार फिर चरितार्थ करते हुए चमोली पुलिस के दो जवानों ने मानवता का परिचय दिया। जिला चिकित्सालय चमोली में उपचाराधीन एक बुजुर्ग की जान बचाने के लिए पुलिसकर्मी देवदूत बनकर सामने आए और स्वेच्छा से रक्तदान किया।जानकारी के अनुसार 65 वर्षीय शोभन सिंह निवासी छिनका चमोली गंभीर अवस्था में जिला चिकित्सालय में भर्ती थे। बीमारी के कारण उनके शरीर में रक्त की भारी कमी हो गई थी और तत्काल ब्लड की आवश्यकता थी। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस जवानों को मिली कांस्टेबल पंकज तड़ियाल और कांस्टेबल बृजेश बिना देर किए अस्पताल पहुंचे और स्वेच्छा से रक्तदान किया। समय पर रक्त उपलब्ध होने से बुजुर्ग का उपचार सुचारू रूप से शुरू हो सका और उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी।संकट की घड़ी में मिली इस मदद पर शोभन सिंह और उनके परिजनों ने पुलिस जवानों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस का यह संवेदनशील और मानवीय चेहरा समाज में विश्वास और सम्मान को और मजबूत करता है। चमोली पुलिस की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि वर्दी केवल कानून व्यवस्था का प्रतीक नहीं बल्कि मानव सेवा का भी पर्याय है।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। सेवा सुरक्षा और मित्रता के अपने ध्येय वाक्य को एक बार फिर चरितार्थ करते हुए चमोली पुलिस के दो जवानों ने मानवता का परिचय दिया। जिला चिकित्सालय चमोली में उपचाराधीन एक बुजुर्ग की जान बचाने के लिए पुलिसकर्मी देवदूत बनकर सामने आए और स्वेच्छा से रक्तदान किया।जानकारी के अनुसार 65 वर्षीय शोभन सिंह निवासी छिनका चमोली गंभीर अवस्था में जिला चिकित्सालय में भर्ती थे। बीमारी के कारण उनके शरीर में रक्त की भारी कमी हो गई थी और तत्काल ब्लड की आवश्यकता थी। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस जवानों को मिली कांस्टेबल पंकज तड़ियाल और कांस्टेबल बृजेश बिना देर किए अस्पताल पहुंचे और स्वेच्छा से रक्तदान किया। समय पर रक्त उपलब्ध होने से बुजुर्ग का उपचार सुचारू रूप से शुरू हो सका और उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी।संकट की घड़ी में मिली इस मदद पर शोभन सिंह और उनके परिजनों ने पुलिस जवानों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस का यह संवेदनशील और मानवीय चेहरा समाज में विश्वास और सम्मान को और मजबूत करता है। चमोली पुलिस की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि वर्दी केवल कानून व्यवस्था का प्रतीक नहीं बल्कि मानव सेवा का भी पर्याय है।