Spread the love

प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार 8 मार्च। राज्य स्तरीय न्याय संहिता प्रदर्शनी के दूसरे दिन जनपद हरिद्वार में विद्यार्थियों और आमजन की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। 7 से 11 मार्च 2026 तक आयोजित इस प्रदर्शनी में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर न्याय संहिताओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस अवसर पर सीबीआई शाखा देहरादून के डीआईजी मनीष वी.सुर्ति के नेतृत्व में 12 सदस्यीय दल ने भी प्रदर्शनी का भ्रमण किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से न्याय संहिता के प्रावधानों और उनके क्रियान्वयन से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।डीआईजी सुर्ति ने पुलिस अभियोजन फॉरेंसिक और कारागार विभाग द्वारा लगाए गए तकनीकी स्टॉलों का अवलोकन करते हुए आधुनिक न्याय प्रणाली से जुड़ी जानकारी को सराहा। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल से नागरिकों अधिवक्ताओं विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों को न्याय संहिता की संरचना प्रक्रिया और उनके व्यावहारिक प्रभावों को समझने में मदद मिलती है। प्रदर्शनी में हरिद्वार जनपद के लगभग 24 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सहभागिता की।इनमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय लक्सर प्राथमिक विद्यालय अनमोल भारत महाराणा प्रताप प्राथमिक विद्यालय प्राथमिक विद्यालय अटल भारत नेताजी सुभाष चंद्र बोस विद्यालय अलीपुर पीएम श्री विद्यालय खानपुर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खेड़ी कला बालिका छात्रावास राठी माजरा (प्रथम एवं द्वितीय) बालिका छात्रावास अकबरपुर (प्रथम एवं द्वितीय) बालिका छात्रावास गोवर्धनपुर चंद्रपुरी कला, कृपाल कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कृपाल नगर आनंदमयी सेवा सदन और ऑक्सफोर्ड स्कूल सहित कई अन्य विद्यालय शामिल रहे। इन विद्यालयों के लगभग 2000 विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और न्याय संहिता से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त की।इसके अलावा बड़ी संख्या में आमजन ने भी प्रदर्शनी का भ्रमण किया। इस प्रकार प्रदर्शनी में कुल लगभग 3000 लोगों की सहभागिता दर्ज की गई। प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों और आगंतुकों को भारतीय न्याय संहिता भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी सरल और रोचक माध्यमों से दी गई। इसके साथ ही साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता उनसे बचाव के उपाय और बच्चों से संबंधित अपराधों के विषय में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और आम नागरिकों को न्याय संहिताओं के प्रावधानों से अवगत कराना कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में विधिक समझ को मजबूत करना है। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी में गहरी रुचि दिखाई और विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। प्रदर्शनी के दौरान आयोजित लाइव नाट्य प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को काफी प्रभावित किया। न्याय संहिता की प्रमुख विशेषताओं को कहानियों और दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुत करने से आमजन अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक और आश्वस्त नजर आए। कार्यक्रम में उपस्थित आगंतुकों ने उत्तराखंड पुलिस की इस पहल और प्रदर्शनी की सराहना करते हुए इसे जनजागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उत्तराखंड पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में इस प्रदर्शनी में पहुंचकर न्याय संहिता से संबंधित जानकारी प्राप्त करें और इसका लाभ उठाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Whatsapp