प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। टिहरी महोत्सव 2026 हिमालय O2 के अंतर्गत देवप्रयाग में आयोजित भजन-कीर्तन संध्या और संगम तट पर भव्य महाआरती ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल से सराबोर कर दिया। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल के विशेष प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।ऐतिहासिक श्री रघुनाथ मंदिर परिसर में आयोजित भजन-कीर्तन संध्या का शुभारंभ नगरपालिका अध्यक्ष ममता देवी ने दीप प्रज्वलित कर किया।कार्यक्रम की शुरुआत रघुनाथ कीर्तन मंडली द्वारा श्री रामचंद्र कृपालु भजमन हरण भवभय दारुणम के सस्वर पाठ से हुई जिससे पूरा परिसर भक्ति के उल्लास से गुंजायमान हो उठा।इसके बाद भरत कीर्तन मंडली और शिव शक्ति कीर्तन मंडली ने पायो जी मैंने राम रतन धन पायो और रघुपति राघव राजा राम जैसे भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं जिन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। बहा बाजार कीर्तन मंडली के कलाकारों ने नगरी हो अयोध्या सी रघुकुल सा घराना हो भजन प्रस्तुत कर प्रभु श्रीराम की महिमा का बखान किया। वहीं श्री रघुनाथ संस्कृत परिसर के छात्र-छात्राओं ने अपनी सुमधुर गायकी और पारंपरिक भजनों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। महोत्सव के अंतर्गत अलकनंदा और भागीरथी के पवित्र संगम तट पर आयोजित भव्य महाआरती भी आकर्षण का केंद्र रही। संध्या होते ही शंखध्वनि और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ आरती प्रारंभ हुई और हजारों दीपों की रोशनी से गंगा की पावन जलधारा जगमगा उठी।पुरोहितों द्वारा किए गए सस्वर वैदिक मंत्रोच्चार और लहरों पर थिरकते दीपों का दृश्य उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर गया। गंगा मैया की जय के उद्घोष और विशाल आरती की ज्योति से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। देर शाम तक संगम तट पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और दूर-दराज से आए तीर्थयात्री इस दिव्य आयोजन के साक्षी बने रहे।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ‘हिमालय O2’ अभियान के माध्यम से पौराणिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने के साथ ही गंगा की पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। देर शाम तक चली इस महाआरती ने देवप्रयाग को मानो एक महाकुंभ जैसा स्वरूप दे दिया जहां हिमालय की शुद्धता और मां गंगा की दिव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष ममता देवी ने कहा कि यह महोत्सव हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी राहुल भंडारी सुरेश पंत मनीष भट्ट शिल्पी मोतीवाला रेखा भट्ट हेमलता पंचपुरी अनसूया मिश्रा संध्या दीपमाला नलनी भट्ट और बीना ध्यानी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। देर शाम तक चले इस आयोजन ने संगम नगरी देवप्रयाग को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। टिहरी महोत्सव 2026 हिमालय O2 के अंतर्गत देवप्रयाग में आयोजित भजन-कीर्तन संध्या और संगम तट पर भव्य महाआरती ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल से सराबोर कर दिया। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल के विशेष प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।ऐतिहासिक श्री रघुनाथ मंदिर परिसर में आयोजित भजन-कीर्तन संध्या का शुभारंभ नगरपालिका अध्यक्ष ममता देवी ने दीप प्रज्वलित कर किया।कार्यक्रम की शुरुआत रघुनाथ कीर्तन मंडली द्वारा श्री रामचंद्र कृपालु भजमन हरण भवभय दारुणम के सस्वर पाठ से हुई जिससे पूरा परिसर भक्ति के उल्लास से गुंजायमान हो उठा।इसके बाद भरत कीर्तन मंडली और शिव शक्ति कीर्तन मंडली ने पायो जी मैंने राम रतन धन पायो और रघुपति राघव राजा राम जैसे भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं जिन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। बहा बाजार कीर्तन मंडली के कलाकारों ने नगरी हो अयोध्या सी रघुकुल सा घराना हो भजन प्रस्तुत कर प्रभु श्रीराम की महिमा का बखान किया। वहीं श्री रघुनाथ संस्कृत परिसर के छात्र-छात्राओं ने अपनी सुमधुर गायकी और पारंपरिक भजनों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। महोत्सव के अंतर्गत अलकनंदा और भागीरथी के पवित्र संगम तट पर आयोजित भव्य महाआरती भी आकर्षण का केंद्र रही। संध्या होते ही शंखध्वनि और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ आरती प्रारंभ हुई और हजारों दीपों की रोशनी से गंगा की पावन जलधारा जगमगा उठी।पुरोहितों द्वारा किए गए सस्वर वैदिक मंत्रोच्चार और लहरों पर थिरकते दीपों का दृश्य उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर गया। गंगा मैया की जय के उद्घोष और विशाल आरती की ज्योति से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। देर शाम तक संगम तट पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और दूर-दराज से आए तीर्थयात्री इस दिव्य आयोजन के साक्षी बने रहे।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ‘हिमालय O2’ अभियान के माध्यम से पौराणिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने के साथ ही गंगा की पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। देर शाम तक चली इस महाआरती ने देवप्रयाग को मानो एक महाकुंभ जैसा स्वरूप दे दिया जहां हिमालय की शुद्धता और मां गंगा की दिव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष ममता देवी ने कहा कि यह महोत्सव हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी राहुल भंडारी सुरेश पंत मनीष भट्ट शिल्पी मोतीवाला रेखा भट्ट हेमलता पंचपुरी अनसूया मिश्रा संध्या दीपमाला नलनी भट्ट और बीना ध्यानी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। देर शाम तक चले इस आयोजन ने संगम नगरी देवप्रयाग को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।