प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। द टिहरी लेक फेस्टिवल’ में इस बार आईटीबीपी की विशेष प्रदर्शनी लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी में पहली बार मशीनगन और मोर्टार जैसे भारी हथियारों को नजदीक से देखने का अवसर मिल रहा है जिसे लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। नोएडा से आए राहुल उपाध्याय जैसे कई दर्शक पहली बार इन भारी हथियारों को करीब से देखकर उत्साहित नजर आए।उनके मन में मशीनगन और मोर्टार के वजन इनके संचालन और एक बार में कितनी गोलियां या बारूद लोड किया जा सकता है जैसे कई सवाल थे। आईटीबीपी की 12वीं वाहिनी के जवान लोगों की इन जिज्ञासाओं का धैर्यपूर्वक समाधान करते हुए उन्हें हथियारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं। आईटीबीपी के जवान सुधीर कुमार और राम बाबू ने बताया कि पहले लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में सामान्यतः एलएमजी पिस्तौल जैसे अपेक्षाकृत हल्के हथियार ही प्रदर्शित किए जाते थे लेकिन इस बार पहली बार मशीनगन और मोर्टार जैसे भारी हथियार भी प्रदर्शनी में शामिल किए गए हैं जिन्हें आमतौर पर सार्वजनिक प्रदर्शनी में नहीं दिखाया जाता।
पर्वतारोहण उपकरणों की भी दी जा रही जानकारी
प्रदर्शनी में हथियारों के साथ-साथ पर्वतारोहण के दौरान उपयोग में आने वाले उपकरणों को भी प्रदर्शित किया गया है। आईटीबीपी से जुड़े राजीव खरे और अन्य जवान इन उपकरणों के उपयोग के बारे में लोगों को विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। विशेष रूप से हिमस्खलन (एवलांच) के दौरान इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के बारे में जानने में लोगों की विशेष रुचि देखी जा रही है।
धराली आपदा की झलक भी प्रदर्शनी में शामिल
प्रदर्शनी में पिछले वर्ष धराली में आई आपदा और उस दौरान आईटीबीपी द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की झलक भी दिखाई जा रही है। इस प्रदर्शनी के लिए आईटीबीपी की 12वीं वाहिनी के 22 जवान मातली (उत्तरकाशी) से कोटी कॉलोनी टिहरी पहुंचे हैं। रविवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने भी इस प्रदर्शनी का अवलोकन कर जवानों के प्रयासों की सराहना की।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। द टिहरी लेक फेस्टिवल’ में इस बार आईटीबीपी की विशेष प्रदर्शनी लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी में पहली बार मशीनगन और मोर्टार जैसे भारी हथियारों को नजदीक से देखने का अवसर मिल रहा है जिसे लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। नोएडा से आए राहुल उपाध्याय जैसे कई दर्शक पहली बार इन भारी हथियारों को करीब से देखकर उत्साहित नजर आए।उनके मन में मशीनगन और मोर्टार के वजन इनके संचालन और एक बार में कितनी गोलियां या बारूद लोड किया जा सकता है जैसे कई सवाल थे। आईटीबीपी की 12वीं वाहिनी के जवान लोगों की इन जिज्ञासाओं का धैर्यपूर्वक समाधान करते हुए उन्हें हथियारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं। आईटीबीपी के जवान सुधीर कुमार और राम बाबू ने बताया कि पहले लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में सामान्यतः एलएमजी पिस्तौल जैसे अपेक्षाकृत हल्के हथियार ही प्रदर्शित किए जाते थे लेकिन इस बार पहली बार मशीनगन और मोर्टार जैसे भारी हथियार भी प्रदर्शनी में शामिल किए गए हैं जिन्हें आमतौर पर सार्वजनिक प्रदर्शनी में नहीं दिखाया जाता। पर्वतारोहण उपकरणों की भी दी जा रही जानकारी
प्रदर्शनी में हथियारों के साथ-साथ पर्वतारोहण के दौरान उपयोग में आने वाले उपकरणों को भी प्रदर्शित किया गया है। आईटीबीपी से जुड़े राजीव खरे और अन्य जवान इन उपकरणों के उपयोग के बारे में लोगों को विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। विशेष रूप से हिमस्खलन (एवलांच) के दौरान इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के बारे में जानने में लोगों की विशेष रुचि देखी जा रही है। धराली आपदा की झलक भी प्रदर्शनी में शामिल
प्रदर्शनी में पिछले वर्ष धराली में आई आपदा और उस दौरान आईटीबीपी द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की झलक भी दिखाई जा रही है। इस प्रदर्शनी के लिए आईटीबीपी की 12वीं वाहिनी के 22 जवान मातली (उत्तरकाशी) से कोटी कॉलोनी टिहरी पहुंचे हैं। रविवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने भी इस प्रदर्शनी का अवलोकन कर जवानों के प्रयासों की सराहना की।