प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में किसी भी प्रकार की आपदा या आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभागों के बीच बेहतर समन्वय संसाधनों के प्रभावी उपयोग और वास्तविक परिस्थिति में कार्य-प्रणाली की तैयारी को परखना था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देशन में आयोजित इस मॉक ड्रिल में टिहरी डैम से भारी मात्रा में जल छोड़े जाने की संभावित स्थिति को आधार बनाकर नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि की परिकल्पना की गई। इसके तहत गंगा नदी के किनारे स्थित देवप्रयाग और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में नदी तट के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासियों व्यापारियों और तीर्थ यात्रियों को सतर्क करते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों की ओर जाने तथा त्वरित निकासी की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। मॉक ड्रिल के दौरान घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने सबसे पहले आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया भीड़ प्रबंधन संभाला और रास्तों को सुचारु कराया जिससे राहत एवं बचाव दलों को कार्य करने में किसी प्रकार की बाधा न हो। अभ्यास के माध्यम से यह भी परखा गया कि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देती हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया किस प्रकार संचालित की जाती है। इस मॉक ड्रिल के जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि वास्तविक आपदा की स्थिति में समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके और संभावित जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में किसी भी प्रकार की आपदा या आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभागों के बीच बेहतर समन्वय संसाधनों के प्रभावी उपयोग और वास्तविक परिस्थिति में कार्य-प्रणाली की तैयारी को परखना था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देशन में आयोजित इस मॉक ड्रिल में टिहरी डैम से भारी मात्रा में जल छोड़े जाने की संभावित स्थिति को आधार बनाकर नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि की परिकल्पना की गई। इसके तहत गंगा नदी के किनारे स्थित देवप्रयाग और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में नदी तट के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासियों व्यापारियों और तीर्थ यात्रियों को सतर्क करते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों की ओर जाने तथा त्वरित निकासी की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। मॉक ड्रिल के दौरान घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने सबसे पहले आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया भीड़ प्रबंधन संभाला और रास्तों को सुचारु कराया जिससे राहत एवं बचाव दलों को कार्य करने में किसी प्रकार की बाधा न हो। अभ्यास के माध्यम से यह भी परखा गया कि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देती हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया किस प्रकार संचालित की जाती है। इस मॉक ड्रिल के जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि वास्तविक आपदा की स्थिति में समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके और संभावित जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।