प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर में उद्यम स्थापना के कानूनी और नैतिक कदम विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन खगोल भौतिकी भवन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उद्यम स्थापित करने से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं तथा नैतिक पहलुओं के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ.अखिलेश नौटियाल रहे जो उत्तराखंड प्रौद्योगिकी संस्थान श्रीनगर से जुड़े हैं। उन्होंने अपने व्याख्यान में उद्यम स्थापना के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं नैतिक मूल्यों तथा उद्यमिता के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी और युवाओं को नवाचार तथा उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रोफेसर नटाना मुरुगाराज गोविंदन अध्यक्ष संस्थान नवाचार परिषद ने किया। कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ.गुंजन गोस्वामी ने प्रस्तुत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दूसरे मुख्य वक्ता प्रोफेसर हेमवती नंदन निदेशक अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ रहे। उन्होंने भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी जो युवाओं को नया उद्यम शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती हैं। इस अवसर पर डॉ.संजय उपाध्याय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उद्यमिता देश के आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम के दौरान संस्थान नवाचार परिषद के संयोजक डॉभास्करन ने युक्ति पोर्टल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह पोर्टल नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। कार्यक्रम के अंत में डॉ.विनीत कुमार मौर्य ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के शिक्षक शोधार्थी और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर में उद्यम स्थापना के कानूनी और नैतिक कदम विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन खगोल भौतिकी भवन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उद्यम स्थापित करने से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं तथा नैतिक पहलुओं के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ.अखिलेश नौटियाल रहे जो उत्तराखंड प्रौद्योगिकी संस्थान श्रीनगर से जुड़े हैं। उन्होंने अपने व्याख्यान में उद्यम स्थापना के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं नैतिक मूल्यों तथा उद्यमिता के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी और युवाओं को नवाचार तथा उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रोफेसर नटाना मुरुगाराज गोविंदन अध्यक्ष संस्थान नवाचार परिषद ने किया। कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ.गुंजन गोस्वामी ने प्रस्तुत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दूसरे मुख्य वक्ता प्रोफेसर हेमवती नंदन निदेशक अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ रहे। उन्होंने भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी जो युवाओं को नया उद्यम शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती हैं। इस अवसर पर डॉ.संजय उपाध्याय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उद्यमिता देश के आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम के दौरान संस्थान नवाचार परिषद के संयोजक डॉभास्करन ने युक्ति पोर्टल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह पोर्टल नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। कार्यक्रम के अंत में डॉ.विनीत कुमार मौर्य ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के शिक्षक शोधार्थी और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।