प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानों एवं परिवारों के सूचीकरण कार्य के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्ट्रेट में शुरू हो गया है। प्रशिक्षण 16 मार्च से 18 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 23 फील्ड ट्रेनर प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह दुबड़िया और डायट प्राचार्य स्वराज सिंह तोमर प्रतिभागियों को जनगणना की प्रक्रिया मकानों और परिवारों के सूचीकरण तथा डिजिटल माध्यम से डाटा संग्रहण की जानकारी दे रहे हैं। इस दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि इस बार जनगणना पहली बार डिजिटल माध्यम से करायी जाएगी जिसके लिए मोबाइल एप के जरिए डाटा संकलन किया जाएगा। प्रशिक्षण में फील्ड ट्रेनरों को एप के संचालन डाटा एंट्री और सर्वेक्षण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी ताकि आगे गणनाकारों को भी सही तरीके से प्रशिक्षित किया जा सके। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है जिसके लिए प्रशिक्षण के माध्यम से फील्ड ट्रेनरों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर आगे गणनाकारों को प्रशिक्षण देकर इस कार्य को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। डायट प्राचार्य ने कहा कि डिजिटल माध्यम से होने वाली जनगणना से डाटा संग्रहण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और जनगणना कार्य को पूरी जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने का आह्वान किया। इस अवसर पर ट्रेनर हेमंत एवं शिव कुमार अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानों एवं परिवारों के सूचीकरण कार्य के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्ट्रेट में शुरू हो गया है। प्रशिक्षण 16 मार्च से 18 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 23 फील्ड ट्रेनर प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह दुबड़िया और डायट प्राचार्य स्वराज सिंह तोमर प्रतिभागियों को जनगणना की प्रक्रिया मकानों और परिवारों के सूचीकरण तथा डिजिटल माध्यम से डाटा संग्रहण की जानकारी दे रहे हैं। इस दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि इस बार जनगणना पहली बार डिजिटल माध्यम से करायी जाएगी जिसके लिए मोबाइल एप के जरिए डाटा संकलन किया जाएगा। प्रशिक्षण में फील्ड ट्रेनरों को एप के संचालन डाटा एंट्री और सर्वेक्षण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी ताकि आगे गणनाकारों को भी सही तरीके से प्रशिक्षित किया जा सके। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है जिसके लिए प्रशिक्षण के माध्यम से फील्ड ट्रेनरों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर आगे गणनाकारों को प्रशिक्षण देकर इस कार्य को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। डायट प्राचार्य ने कहा कि डिजिटल माध्यम से होने वाली जनगणना से डाटा संग्रहण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और जनगणना कार्य को पूरी जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने का आह्वान किया। इस अवसर पर ट्रेनर हेमंत एवं शिव कुमार अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।