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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। बेस अस्पताल श्रीनगर में चिकित्सा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज की गई है। यहां आधुनिक लैप्रोस्कोपिक थ्री-पोर्ट तकनीक का इस्तेमाल करते हुए 62 वर्षीय महिला की पित्त की थैली का सफल ऑपरेशन किया गया। यह सर्जरी अस्पताल के चिकित्सक डॉ.धनंजय डोभाल और डॉ.विवेक कुमार की टीम द्वारा की गई। सर्जरी विभाग के डॉ.धनंजय डोभाल ने बताया कि सामान्यत पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए पेट में चार छोटे-छोटे चीरे लगाकर लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की जाती है। लेकिन इस नई तकनीक में केवल तीन छोटे चीरे लगाकर ही ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया जाता है। इससे मरीज को कम तकलीफ होती है और ऑपरेशन के बाद जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि थ्री-पोर्ट लैप्रोस्कोपिक विधि से सर्जरी करने पर मरीज कम समय में अपने सामान्य जीवन में वापस लौट सकता है। साथ ही ऑपरेशन के बाद दर्द और संक्रमण का खतरा भी अपेक्षाकृत कम रहता है। डॉक्टरों के अनुसार बेस अस्पताल में इस आधुनिक तकनीक का प्रयोग पहली बार किया गया है। अभी तक इस विधि से दो मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है और दोनों की स्थिति सामान्य और बेहतर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार नई तकनीकों को अपनाया जा रहा है। आने वाले समय में भी बेस अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को लागू करने का प्रयास जारी रहेगा जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

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